कॉन्सेप्ट को समझते हुए समर्पण एवं स्थिरता के साथ करें पढ़ाई

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अनिल साहू

*विद्यार्थी जीवन में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा एवं सहयोग अतिआवश्यक: कलेक्टर श्री व्यास*

*कलेक्टर ने ली क्लास, पढ़ाया  गणित और बच्चों के जिज्ञासा भरे प्रश्नों का दिया उत्तर*

*कलेक्टर पौधारोपण कार्यक्रम में हुए शामिल*
*स्वामी आत्मानंद स्कूल विश्रामपुर का किया निरीक्षण*

सूरजपुर ।  कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज जिले के बिश्रामपुर स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल में ’एक पेड़ मां के नाम’ अभियान अंर्तगत शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित पौधारोपण कार्यक्रम में शामिल हुए। साथ ही आत्मानंद स्कूल का निरीक्षण भी किया । इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी श्री राम ललित पटेल, शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी एवं विद्यालय के प्राचार्य सहित समस्त स्टाफ उपस्थित थे।
इस आयोजित कार्यक्रम में  कलेक्टर श्री व्यास ने पौधारोपण किया और कहा कि इन पौधों का नाम विद्यालय के मेरिट में आने वाले बच्चों के नाम पर किया जाए और उन्हें पौधारोपण का महत्व समझाते हुए उनके देखभाल की जिम्मेदारी भी बच्चों को सौंपने कहा । इससे न केवल पौधों की देखभाल अच्छी होगी बल्कि बच्चे भी प्रोत्साहित होंगे। पौधरोपण के पश्चात् उन्होंने विद्यालय का निरीक्षण भी किया और शिक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस अवसर पर कलेक्टर श्री व्यास ने कक्षा 10 वीं के बच्चों से मुलाकात कर उनसे बात की। कलेक्टर श्री व्यास ने बच्चों से कहा कि स्कूली शिक्षा भविष्य का फाउंडेशन होता है। इसमें कक्षा 10 वीं बेहद महत्वपूर्ण होता है । इसके बाद आप विषयों का चुनाव करते हैं जिस पर आपके आगे की शिक्षा और करियर निर्भर करता है।
इस अवसर पर कलेक्टर ने कक्षा में गणित विषय भी पढ़ाया। उन्होंने लिनियर इक्वेशन पढ़ाते हुए कहा कि गणित के प्रश्नों, फार्मूले को याद न करें बल्कि उसे समझें
साथ ही उन्होंने कहा कि पढ़ाई में तनाव ज्यादा न लें पढ़ाई में नंबर से ज्यादा ज्ञान का महत्व होता है। इसलिए पढ़ते वक्त उसे याद नही करें बल्कि उसके कांसेप्ट को समझें। साथ ही उन्होंने स्कूल में होने वाली पढ़ाई के अलावा स्वप्रेरणा से अपने ज्ञानवर्धन के लिए पढ़ाई करने के लिए कहा। उन्होंने विद्यार्थियो से कहा कि आगे का दो तीन वर्ष बेहद महत्वपूर्ण है इसलिए सभी विद्यार्थी स्वस्थ प्रतिस्पर्धा एवं सहयोग के वातावरण में अनुशासित होकर समर्पण एवं स्थिरता के साथ पढ़ाई करें।

anil sahu
Author: anil sahu