

भरत लाल गुप्ता
देव आस्था वा चमत्कार के नाम पर दर्शन करने नित्य प्रति आ रहे ग्रामीण।
उदयपुर/ अंबिकापुर । भारत आध्यात्मिकता से भरे सदियों से विभिन्न मान्यताएं आस्थाएं तथा देवी देवताओं का केंद्र रहा है! इसमें कई तरह की परंपराओं में चीज ची जे देखने को मिलती है , कमोवेश समय-समय पर कुछ ऐसे दुर्लभ घटनाएं सामने आती है जिससे मनुष्य की जिज्ञासा जानने व सीधे धर्म से जोड़कर देखने की मानसिकता बन चुकी हैl
ऐसा ही कुछ देखने को मिला सरगुजा जिले के विकासखंड उदयपुर के ग्राम पंचायत सलका रिखी सीमावर्ती ग्राम के समीप स्थित तालाब खेत परिसर में जहां पर दो आम का पेड़ स्थित है! वहीं पर पिछले एक सप्ताह से ऐसे दुर्लभ खुखड़ी ग्राम वासियों को देखने को मिला जो करीब डेढ़ फीट लंबा 1 फीट चौड़ाई आयताकार लिए गुंबज मंदिर नुमा होने से लोगों में आश्चर्य का विषय बना हुआ है! बातें तेजी से फैल रही है नित्य प्रति लोग देखने दर्शन करने आ रहे हैं, गांव वालों ने उसे दुर्लभ चमत्कारिक देख कर जिसकी आ कार सामान्य खूंखड़ी से कई गुना बड़ा है? इसके साथ ही मंदिर अथवा देवताओं के रूप में देखने से लोगों की आस्था उस खू खड़ी के प्रति निरंतर बढ़ती जा रही है! इस कड़ी में ग्राम वासियों ने उसे संरक्षित एवं नुकसान नहीं पहचाने का समझा इस लोगों को दिया है! इस बीच ग्रामीणों द्वारा मंदिर बनाने की चर्चाएं किया जा रहा है जिससे किसी भी प्रकार की पूर्व जन्म की देवी देवता अगर इसमें परिलक्षित होते हैं तो उसका सम्मान उनको संरक्षित संवर्धित कर पूजा अर्चना किया जा सके ।
Author: anil sahu
जिला प्रतिनिधि सूरजपुर







