राज्य स्तरीय तिलहन किसान मेला संपन्न, आधुनिक तकनीक और पारंपरिक नवाचारों का संगम

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भरत लाल गुप्ता 

उदयपुर। छत्तीसगढ़ के किसानों को तिलहन फसलों से संबंधित नवीन तकनीकों, योजनाओं और समस्याओं के समाधान से अवगत कराने के उद्देश्य से राज्य स्तरीय तिलहन किसान मेले का सफल आयोजन 21-22 मार्च 2026 को कृषि अनुसंधान एवं कृषि महाविद्यालय ऑडिटोरियम में किया गया। यह आयोजन इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) एवं कृषि विज्ञान केंद्र अंबिकापुर के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय खाद्य मिशन (तिलहन) योजना अंतर्गत आयोजित हुआ।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विष्णु देव साय रहे। उनके साथ विशिष्ट अतिथि के रूप में राम विचार नेताम, राजेश अग्रवाल, लक्ष्मी राजवाड़े तथा चिंतामणि महाराज की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी अतिथियों ने किसानों को संबोधित करते हुए कृषि के आधुनिकीकरण और आय वृद्धि पर जोर दिया।

मेले में किसानों को तिलहन फसलों की उन्नत खेती, उत्पादन लागत में कमी, रोग नियंत्रण एवं बेहतर विपणन की जानकारी विशेषज्ञों द्वारा दी गई। साथ ही जैविक खाद, रासायनिक उर्वरकों एवं अत्याधुनिक कृषि उपकरणों का प्रदर्शन कर पंपलेट और पोस्टर के माध्यम से विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई गई। पशुपालन, मत्स्य पालन एवं अन्य कृषि आधारित योजनाओं की जानकारी भी किसानों तक पहुंचाई गई, जिससे वे आय के विविध स्रोत विकसित कर सकें।

इस आयोजन का एक प्रमुख आकर्षण ग्रामीण युवा जन कल्याण समिति द्वारा लगाया गया नवाचार आधारित स्टॉल रहा। समिति ने मधुका हर्बल सॉफ्ट क्रीम का प्रदर्शन किया, जो वन आधारित फलों एवं पारंपरिक डोरी तेल से निर्मित है। इस उत्पाद की उपयोगिता और महत्व के बारे में सैकड़ों किसानों को जानकारी दी गई। स्टॉल का निरीक्षण करते हुए मुख्यमंत्री सहित अन्य अतिथियों ने इस पारंपरिक उत्पाद के पुनर्स्थापन की सराहना की और समिति के प्रयासों को उत्कृष्ट बताते हुए बधाई दी।

इसके साथ ही समिति द्वारा सरई (साल) पत्तों से निर्मित हस्तनिर्मित दोना-पत्तल का विशेष स्टॉल भी आकर्षण का केंद्र रहा। छत्तीसगढ़ में पहली बार थालीनुमा विशेष आकृति के दोना-पत्तल का प्रदर्शन किया गया, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। समिति के श्री भरत लाल गुप्ता ने इसके उपयोग, पर्यावरणीय लाभ और पारंपरिक महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए सामाजिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक आयोजनों में इसके उपयोग की अपील की।

मेले में स्वास्थ्य, कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन तथा नाबार्ड की विभिन्न योजनाओं से संबंधित स्टॉल भी लगाए गए, जहां किसानों को योजनाओं का लाभ उठाने हेतु मार्गदर्शन प्रदान किया गया।

कार्यक्रम में मधुका क्रीम एवं दोना-पत्तल स्टॉल पर श्रीमती तपस्या बाई, कन्हाई राम बंजारा, भरत लाल गुप्ता, अमरनाथ सिरदार, बीरबल सिरदार, इनीता यादव, फुलबसिया बाई, गौरी बंजारा, दुर्गा सिरदार, पदमा सिंह, अमर सिंह सहित अन्य सदस्य सक्रिय रूप से उपस्थित रहे।

यह मेला न केवल आधुनिक कृषि तकनीकों का मंच बना, बल्कि पारंपरिक ज्ञान और स्थानीय नवाचारों को भी नई पहचान दिलाने में सफल रहा। किसानों में इस आयोजन को लेकर विशेष उत्साह देखा गया और इसे कृषि विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

anil sahu
Author: anil sahu

जिला प्रतिनिधि सूरजपुर