
सूरजपुर जिले के श्रीनगर रामानुजनगर स्थित सुमेरपुर मे पंचायत चुनाव का सरगर्मी पारा चढ़ा हुआ है
, विदित हो की ग्राम पंचायत सुमेरपुर मे ओबीसी महिला मुक्त सीट आरक्षित होने के कारण यहां पर सात अभियंर्थियों ने नमाँकन कर इतिहास रच दिया है जिसमे चार साहू समाज से दो यादव समाज से तो एक चक्रधारी कुम्हार समाज की महिला मैदान मे उत्तरी है
, दिलचस्प बात यह है की एक ही समाज के चार लोगों का दावेदारी भी क्षेत्र मे चर्चा का बिषय बना हुआ है,
वहीं यादव समाज भी क़ोई कसर नही छोड़ रहा है, जो ताल ठोंकते हुए मैदान मे डटी हुई है,
वहीं एक उम्मीदवार ही एकलौता है जो ओबीसी कुम्हार समाज से दावेदारी करते हुए आर पार की लड़ाई मे कमर कसकर उतारी गई है,
जिसमे यह आकलन किया जा रहा है की लगभग एक हजार मतदाता सात प्रत्यासियों को किस तरह अपना मतदान करेंगे,
अगर मतदान होती है तो दो सौ लोग वोट नही करेंगे, एक से डेढ़ सौ वोट नोटा मे जाएगा,
ऐसे मे सात सौ वोट बचता है तो हार जीत का अंतर लगभग बहुत ही सिमित होगा,
याद रहे उसी के सर पर ताज़ सजेगा जो मतदाताओ को अपने लोभ लुभावने वादा से रिझाने मे सफल होगा वहीं पंचायत का सरदार होगा,,
अब तक किसी भी प्रत्यासी को चुनाव चिन्ह का आवटन प्राप्त नही हुआ है,,
जैसे ही चुनाव चिन्ह मिलेगा वैसे ही प्रत्याशी गांव के घर घर पहुँचकर नस्तमस्तक होकर प्रणाम करेंगे,
और अपने पक्ष मे वोट के लिए हुजूरी करेंगे,
वैसे अभी से ही प्रत्यासी गुप चुप तरीके से अपने मतदाताओ को विकास की इबारत लिखने का वचन देते थक नही रहे बल्कि देर रात लोगों के बीच पहुँचकर अपनी बात कर रहे है,,वहीं अभी से ही प्रतायासियों की धडकने बढ़ने लगी है,
ज्ञात हो की एक जून को वोटिंग होंगी, जिसका परिणाम आने के उपरान्त ही पता चल पायेगा की विजय कौन होगा
और कितनो को मायूसी और अपनी कमी का पूरा एहसास होगा,
जिसमे दर्द असहनीय हो सकता है , बहरहाल इस समय उपचुनाव पंचायत का पारा चढ़ा हुआ है, बकरा भात, तो कहीं मुर्गा मछली का दौर अंदर खाने से चलता हुआ नजर आ रहा है l



