
सूरजपुर की शासकीय प्राथमिक शालाओं में कक्षा 5वीं की हिंदी-गणित की किताबें नहीं, 15 दिन से पढ़ाई ठप
सूरजपुर जिले में नया सत्र शुरू हुए 15 दिन बीत गए, लेकिन अभी तक कक्षा 5वीं की हिंदी और गणित की पुस्तकें स्कूलों तक नहीं पहुंची हैं।
क्या स्थिति है
दो मुख्य विषय ठप*: हिंदी और गणित – दोनों बेसिक विषयों की पढ़ाई शुरू नहीं हो पाईअध्यापक मजबूर
बिना किताब के बच्चों को पढ़ाना मुश्किल, सिर्फ ब्लैकबोर्ड और पुराने नोट्स के सहारे काम चलाया जा रहा
छात्र मायूस*: बच्चे रोज पूछ रहे हैं “कब किताब आएगी, कब पढ़ाई शुरू होगी
भविष्य की चिंता*: साल की शुरुआत में ही 2 विषय पीछे रह जाने से आगे की पढ़ाई और बोर्ड परीक्षा को लेकर अभिभावक-शिक्षक दोनों चिंतित
सरकार के दावे vs जमीनी हकीकत
सरकार कहती है “शिक्षा हमारी प्राथमिकता” और सत्र शुरू होते ही किताबें वितरित”।
लेकिन धरातल पर सूरजपुर की प्राथमिक शालाओं में *किताब ही नहीं पहुंची
क्यों जरूरी है ये किताबें
कक्षा 5वीं फाउंडेशन क्लास है।
हिंदी में पढ़ना-लिखना और गणित में बेसिक जोड़-घटाव, गुणा-भाग इसी साल मजबूत होता है।
15 दिन पीछे होने का असर पूरे साल रहेगा।
अब क्या हो सकता है
ग्राम पंचायत/पालक शिक्षक संघ के माध्यम से *BEO रामानुजनगर / जिला शिक्षा अधिकारी सूरजपुर* को तत्काल मांग पत्र दिया जा सकता है। साथ ही *संकुल प्राचार्य* के जरिए डाइट से अस्थाई फोटो कॉपी/पीडीएफ की व्यवस्था कराई जा सकती है जब तक किताबें न आएं।
अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग कितने दिन में किताबें उपलब्ध कराता है l



