सीडवॉल निर्माण कर छात्रों ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

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सीड बॉल निर्माण कर विद्यार्थियों ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

सूरजपुर जिले के रामानुजनगर – मे पर्यावरण संरक्षण, हरियाली संवर्धन एवं विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन के निर्देशन में जिले के विभिन्न विद्यालयों में नवाचारी गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है।

इसी क्रम में जिला कलेक्टर के मार्गदर्शन, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा तथा विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी के निर्देशन में शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय पतरापाली में ईको क्लब के तत्वावधान में “सीड बॉल निर्माण एवं पर्यावरण संरक्षण” विषय पर विशेष गतिविधि आयोजित की गई।

कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण की व्यवहारिक जानकारी देना तथा उन्हें प्रकृति के प्रति उत्तरदायी बनाना था।

गतिविधि के दौरान विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ मिट्टी, गोबर (कम्पोस्ट) एवं विभिन्न प्रजातियों के बीजों से सीड बॉल तैयार किए।

इन सीड बॉल में नीम, पीपल, कोसम, कचनार, कटहल, आम एवं इमली जैसे छायादार, फलदार एवं पर्यावरण की दृष्टि से महत्वपूर्ण वृक्षों के बीजों का उपयोग किया गया।

कार्यक्रम के दौरान ईको क्लब प्रभारी शिक्षक योगेश कुमार साहू ने विद्यार्थियों को सीड बॉल बनाने की संपूर्ण विधि का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया।

उन्होंने बताया कि सबसे पहले चिकनी मिट्टी और गोबर को समान मात्रा में मिलाकर उसमें आवश्यकतानुसार पानी डालकर मिश्रण तैयार किया जाता है।

इसके बाद प्रत्येक गेंद के भीतर एक या दो बीज रखकर छोटी-छोटी गोल सीड बॉल बनाई जाती हैं तथा उन्हें छाया में सुखाया जाता है।

वर्षा ऋतु में इन सीड बॉल को बंजर भूमि, जंगलों, पहाड़ियों एवं अन्य खाली स्थानों पर फेंक दिया जाता है,

जहाँ बारिश होने पर बीज स्वतः अंकुरित होकर पौधों का रूप ले लेते हैं।

श्री साहू ने विद्यार्थियों को बताया कि सीड बॉल तकनीक कम लागत में अधिक से अधिक पौधारोपण का प्रभावी माध्यम है।

इससे बीजों को प्रारंभिक सुरक्षा मिलती है, मिट्टी एवं जल संरक्षण में सहायता मिलती है,

जैव विविधता बढ़ती है तथा पर्यावरण प्रदूषण को कम करने में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलता है।

उन्होंने बच्चों को यह भी प्रेरित किया कि प्रत्येक विद्यार्थी वर्षा ऋतु में अधिक से अधिक सीड बॉल तैयार कर उन्हें प्रकृति को समर्पित करे,

जिससे आने वाले वर्षों में हजारों नए पौधे विकसित होकर हरियाली का विस्तार कर सकें।

इस अवसर पर विद्यार्थियों को जलवायु परिवर्तन, वनों के संरक्षण, जैव विविधता, जल संरक्षण, मिट्टी संरक्षण तथा वृक्षों के सामाजिक, आर्थिक एवं पर्यावरणीय महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक सीड बॉल तैयार किए और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षिका अनीता सिंह ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया तथा विद्यार्थियों को सीड बॉल निर्माण एवं पर्यावरणीय गतिविधियों में मार्गदर्शन दिया।

कार्यक्रम में प्रधानपाठक के. के. यादव, योगेश कुमार साहू, अनीता सिंह, रघुनाथ जायसवाल सहित विद्यालय के समस्त छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों ने “हरित एवं स्वच्छ पर्यावरण के निर्माण” का सामूहिक संकल्प लेते हुए अपने घर, गांव एवं आसपास के क्षेत्रों में अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया।

विद्यालय परिवार का मानना है कि इस प्रकार की नवाचारी एवं गतिविधि-आधारित शिक्षण पद्धतियाँ विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति प्रेम, सामाजिक उत्तरदायित्व, वैज्ञानिक सोच एवं पर्यावरण संरक्षण की भावना विकसित करती हैं।

सीड बॉल निर्माण जैसी पहल न केवल हरियाली बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, स्वस्थ एवं संतुलित पर्यावरण के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।

Aashiq khan
Author: Aashiq khan