
अंबिकापुर ब्यूरो
2 लाख की मुरमीकरण योजना में “खानापूर्ति” का आरोप
ग्राम पंचायत बिशुनपुर में 12 दिन में पूरा बताया गया काम, ग्रामीणों ने उठाए सवाल
जांच की मांग
रामानुजनगर, सूरजपुर जनपद पंचायत विकास निधि से ग्राम पंचायत बिशुनपुर में स्वीकृत 2 लाख रुपये के मुरमीकरण कार्य में शासकीय राशि के दुरुपयोग और खानापूर्ति का आरोप लगा है।
ग्रामीणों का कहना है कि कागजों में काम पूरा दिखा दिया गया, लेकिन जमीनी स्तर पर गुणवत्ता और कार्य की स्थिति संदिग्ध है।
ग्राम पंचायत बिशुनपुर में लगे “नागरिक सूचना पटल” के अनुसार “जय सिंह घर से रेलवेजिन पहुंच मार्ग तक मुरमीकरण कार्य” के लिए वर्ष 2025-26 में 2,00,000 रुपये स्वीकृत किए गए थे।
कार्य 05.05.2026 को प्रारंभ होकर 17.05.2026 को पूर्ण होना था।
प्रशासनिक स्वीकृति क्रमांक 1406 दिनांक 30.04.2026 है।
बोर्ड में कार्य की मूल्यांकन राशि 1,99,570 रुपये और 124 मानव दिवस सृजित होना भी दर्शाया गया है। मजदूरी दर 401 रुपये प्रतिदिन बताई गई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण मुरमीकरण नहीं किया गयramसड़ की वर्तमान स्थिति देखकर लगता है कि सिर्फ औपचारिकता के लिए मुरुम डाली गई। तथा जनपद निधि की राशि का खुलेआम बंदर बाट कर लिया गया है, ग्रामीणों का आरोप है की सरपंच सचिव द्वारा मनमानी तरीके से स्टीमेन्ट के विपरीत कार्य कराकर राशि आहरण कर लिया, तथा इस कार्य मे संलिप्त इंजिनियर की संलिप्ता और कमीशन खोरी से इंकार नही किया जा सकता, सड़क मार्ग मे इस समय चलना मुश्किल हो गया है l
उन्होंने कहा कि 12 दिन में 2 लाख का काम पूरा होना संभव नहीं है।
ग्रामवासियों ने मांग की है कि जिला प्रशासन और जनपद पंचायत के अधिकारी मौके पर पहुंचकर कार्य की भौतिक सत्यापन करें। साथ ही मस्टर रोल, सामग्री क्रय और भुगतान संबंधी दस्तावेजों की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए।
इस संबंध में ग्राम पंचायत सचिव और सरपंच से संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे कोई जवाब नहीं मिल सका l




