

अनिल साहू
करोड़ों के विकास कार्य, लेकिन अमला नदारद! सूरजपुर नगर पालिका में 3 उप अभियंता और 15 कर्मचारियों की मांग
एक उप अभियंता के भरोसे करीब 5 करोड़ के निर्माण कार्य, अध्यक्ष कुसुमलता राजवाड़े ने प्रभारी मंत्री से लगाई गुहार
सूरजपुर। जिला मुख्यालय की नगर पालिका परिषद सूरजपुर में कर्मचारियों और तकनीकी अमले की कमी अब विकास कार्यों की रफ्तार पर असर डालती नजर आ रही है। नगर पालिका क्षेत्र में अधोसंरचना मद से करीब 5 करोड़ रुपये के विकास कार्य स्वीकृत हैं। इसके अलावा निकाय मद से भी विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्य संचालित किए जा रहे हैं। ऐसे में पर्याप्त तकनीकी एवं प्रशासनिक अमले के अभाव में इन कार्यों की निगरानी और समयबद्ध क्रियान्वयन नगर पालिका के लिए चुनौती बन गया है।
इसी समस्या को लेकर नगर पालिका अध्यक्ष कुसुमलता राजवाड़े ने जिले के प्रभारी मंत्री दयाल दास बघेल को पत्र भेजकर नगर पालिका में तीन उप अभियंताओं की नियुक्ति तथा 15 अतिरिक्त प्लेसमेंट कर्मचारियों की भर्ती की स्वीकृति देने की मांग की है।

एक उप अभियंता के भरोसे करोड़ों के काम
अध्यक्ष के अनुसार, नगर पालिका क्षेत्र में बड़ी संख्या में निर्माण एवं विकास कार्य चल रहे हैं। इन कार्यों की तकनीकी जांच, गुणवत्ता की निगरानी, माप-जोख और समय पर क्रियान्वयन के लिए पर्याप्त तकनीकी अमला आवश्यक है। लेकिन वर्तमान स्थिति में अधिकांश तकनीकी जिम्मेदारियां महज एक उप अभियंता के भरोसे हैं। ऐसे में एक ओर जहां विकास कार्यों को समय पर पूरा करने का दबाव है, वहीं दूसरी ओर प्रत्येक कार्य की प्रभावी तकनीकी निगरानी भी चुनौती बनी हुई है।
स्वीकृत पद हैं, फिर भी कर्मचारियों की कमी
नगर पालिका के स्वीकृत सेटअप के अनुसार यहां एक एसडीओ और चार उप अभियंताओं के पद स्वीकृत हैं। वहीं प्लेसमेंट कर्मचारियों के लिए कुल 57 पदों का सेटअप निर्धारित है। इसके बावजूद उपलब्ध मानव संसाधन आवश्यकता के अनुरूप पर्याप्त नहीं होने से निकाय के कामकाज पर अतिरिक्त दबाव बना हुआ है।
जिला मुख्यालय होने के कारण नगर पालिका सूरजपुर में सामान्य नगरीय सेवाओं के साथ-साथ विभिन्न प्रशासनिक एवं विकास संबंधी जिम्मेदारियां भी रहती हैं। ऐसे में कर्मचारियों की कमी का सीधा असर कार्यों के संचालन और निगरानी पर पड़ने की आशंका बनी हुई है।
तीन उप अभियंता और 15 कर्मचारियों की मांग
नगर पालिका अध्यक्ष ने प्रभारी मंत्री से मांग की है कि लंबित एवं स्वीकृत विकास कार्यों को गति देने तथा नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों के बेहतर संचालन के लिए तीन उप अभियंताओं की नियुक्ति और 15 अतिरिक्त प्लेसमेंट कर्मचारियों की भर्ती को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति प्रदान की जाए।
अब शासन के फैसले पर नजर
करोड़ों रुपये के विकास कार्यों के बीच तकनीकी और प्रशासनिक अमले की कमी नगर पालिका के सामने बड़ी चुनौती बनकर सामने आई है। ऐसे में अध्यक्ष द्वारा की गई मांग पर शासन स्तर से क्या निर्णय लिया जाता है और क्या नगर पालिका को अतिरिक्त कर्मचारी एवं तकनीकी अधिकारी मिल पाते हैं, इस पर अब सभी की नजरें टिकी हुई हैं।




