बेजुबानों की जान बचाने आगे आए युवा, मवेशियों को पहनाया रेडियम बेल्ट

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अनिल साहू

रात के समय दुर्घटनाओं से बचाव के लिए शशांक दूबे व सनी ने शुरू की सराहनीय पहल

सूरजपुर/ रामानुजनगर। नगर एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों पर खुले में घूमने वाले मवेशी आए दिन दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं। विशेषकर रात के समय अंधेरे में सड़क पर बैठे या घूमते मवेशी वाहन चालकों को दिखाई नहीं देते, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इसी समस्या को देखते हुए रामानुजनगर के सामाजिक कार्यकर्ता शशांक दूबे एवं सनी ने सराहनीय पहल करते हुए सड़क पर घूम रहे मवेशियों के गले में रेडियम बेल्ट बांधा।

सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सड़क किनारे एवं आसपास घूम रहे मवेशियों को चिन्हित कर उनके गले में रेडियम बेल्ट लगाया। रेडियम बेल्ट रात के समय वाहनों की रोशनी पड़ने पर चमकता है, जिससे दूर से ही मवेशियों की मौजूदगी वाहन चालकों को दिखाई दे सकती है। इससे वाहन चालक समय रहते सावधान होकर गति नियंत्रित कर सकेंगे और संभावित दुर्घटनाओं को टाला जा सकेगा।

दुर्घटनाओं को रोकने की दिशा में छोटी लेकिन महत्वपूर्ण पहल

रामानुजनगर क्षेत्र में मुख्य मार्गों सहित ग्रामीण सड़कों पर अक्सर मवेशियों का जमावड़ा देखने को मिलता है। दिन के समय तो वाहन चालक इन्हें आसानी से देख लेते हैं, लेकिन रात के समय कम दृश्यता के कारण स्थिति काफी जोखिमपूर्ण हो जाती है। ऐसे में मवेशियों के गले में रेडियम बेल्ट लगाने की पहल सड़क सुरक्षा की दृष्टि से काफी उपयोगी साबित हो सकती है। शशांक दूबे ने बताया कि सड़क पर घूमने वाले मवेशियों के कारण न केवल वाहन चालकों बल्कि स्वयं मवेशियों की जान को भी खतरा रहता है। कई बार तेज रफ्तार वाहनों की चपेट में आने से मवेशी घायल हो जाते हैं और वाहन चालक भी दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। रेडियम बेल्ट लगाने का उद्देश्य रात में मवेशियों को आसानी से दिखाई देने योग्य बनाना और दुर्घटनाओं की संभावना को कम करना है।

लोगों से भी सहयोग की अपील

सामाजिक कार्यकर्ताओं ने लोगों से अपील की कि वे अपने मवेशियों को खुले में सड़क पर न छोड़ें और उनकी उचित देखभाल करें। साथ ही सड़क पर बेसहारा अथवा खुले में घूम रहे मवेशियों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने में सहयोग करें।

स्थानीय लोगों ने शशांक दूबे एवं सनी की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा के लिए प्रशासनिक प्रयासों के साथ समाज की भागीदारी भी जरूरी है। रेडियम बेल्ट लगाने जैसी छोटी पहल यदि व्यापक स्तर पर की जाए तो रात के समय होने वाली मवेशी-संबंधी सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है।सामाजिक कार्यकर्ताओं की यह पहल मानव सुरक्षा के साथ-साथ पशु सुरक्षा का भी संदेश देती है और समाज के अन्य युवाओं को भी जनहित के कार्यों के लिए आगे आने की प्रेरणा प्रदान करती है।

anil sahu
Author: anil sahu