

अनिल साहू
बाल विवाह की कानूनी उम्र, सेफ टच-अनसेफ टच और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की दी जानकारी; बच्चों को दिलाई बाल विवाह मुक्त समाज की शपथ
सूरजपुर/ बिश्रामपुर। कलेक्टर श्रीमती रेना जमील के निर्देशानुसार बाल विवाह मुक्त सूरजपुर अभियान के तहत प्रथम बस्तामुक्त विद्यालय शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला रुनियाडीह में मिशन वात्सल्य अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिला बाल संरक्षण इकाई के जिला बाल संरक्षण अधिकारी मनोज जायसवाल ने उपस्थित बच्चों को बाल विवाह से होने वाली सामाजिक, शारीरिक एवं मानसिक परेशानियों की विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि बालिकाओं के विवाह की न्यूनतम कानूनी आयु 18 वर्ष तथा बालकों की 21 वर्ष निर्धारित है। बच्चों को समझाइश दी गई कि निर्धारित उम्र एवं पर्याप्त परिपक्वता के बाद ही विवाह किया जाना चाहिए।

कार्यक्रम में बच्चों को गुड टच-बैड टच के स्थान पर सेफ टच-अनसेफ टच की अवधारणा समझाई गई। अनसेफ टच की स्थिति में नो, गो, टॉक एवं एफआईआर के माध्यम से अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के बारे में बताया गया। बच्चों को यह भी समझाया गया कि किसी भी असहज या अनुचित व्यवहार की जानकारी बिना डर के अपने माता-पिता, शिक्षक अथवा भरोसेमंद बड़े व्यक्ति को दें, ताकि समय रहते समस्या का समाधान किया जा सके।
इस दौरान चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098, आपातकालीन नंबर 112 तथा महिला हेल्पलाइन 181 की जानकारी दी गई। चाइल्ड हेल्पलाइन पर अपनी समस्या किस प्रकार बताई जा सकती है, इसका व्यवहारिक प्रदर्शन भी संस्था की प्रधानमंत्री पायल राजवाड़े के माध्यम से बच्चों के समक्ष कराया गया।

कार्यक्रम में विनीता सिंह, केंद्र प्रशासक सखी सेंटर, जनार्दन यादव काउंसलर, दिनेश यादव सुपरवाइजर, आरती राजवाड़े आउटरीच वर्कर सहित संस्था के प्रधान पाठक सीमांचल त्रिपाठी, जनशिक्षक विजेंद्र लाल जायसवाल, रिजवान अंसारी, श्रीमती मानमती जायसवाल, सदस्य आरती स्व-सहायता समूह, मध्यान्ह भोजन सहायिका सुमित्रा सिंह एवं नान दईया सहित विद्यालय के बच्चे उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर उपस्थित बच्चों को बाल विवाह मुक्त समाज के निर्माण में सहयोग करने तथा बाल विवाह के विरुद्ध जागरूकता फैलाने की शपथ दिलाई गई।





