सिद्धेश्वर मंदिर परिसर में कलेक्टर ने महिलाओं के साथ किया पौधरोपण

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अनिल साहू

नशामुक्त गांव के लिए परिवार और वरिष्ठजनों की सहभागिता जरूरी—कलेक्टर

सूरजपुर। नशामुक्त समाज के निर्माण एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से कलेक्टर श्रीमती रेना जमील ने ग्राम पचीरा स्थित सिद्धेश्वर मंदिर परिसर में महिलाओं एवं ग्रामीणों से संवाद किया। उन्होंने नशे के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक करते हुए गांव को नशामुक्त बनाने के लिए सामूहिक सहभागिता का आह्वान किया।

इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती रेना जमील एवं महिलाओं ने मंदिर परिसर में पारस पीपल का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण और नशामुक्त समाज का संदेश दिया। वहीं, जीवितिया पर्व के अवसर पर व्रत कर रही माताओं के साथ कलेक्टर ने मंदिर में पूजा-अर्चना कर सभी के सुख-समृद्धि की कामना की।

कलेक्टर ने कहा कि नशामुक्ति की शुरुआत अपने घर से करनी होगी। परिवार के सदस्यों को नशे के सेवन से होने वाले स्वास्थ्य, आर्थिक एवं पारिवारिक नुकसान के बारे में समझाना जरूरी है। उन्होंने गांव के सियान एवं वरिष्ठजनों से युवाओं के साथ निरंतर संवाद करने तथा उन्हें नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कर नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने की अपील की।

 

उन्होंने कहा कि व्यवहार में बदलाव लाना आसान नहीं होता, लेकिन निरंतर समझाइश, जागरूकता और सामूहिक प्रयासों से सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है। एक परिवार की पहल दूसरे परिवारों के लिए प्रेरणा बन सकती है। नशा व्यक्ति के साथ-साथ उसके परिवार और पूरे समाज को प्रभावित करता है। इसलिए गांव के प्रत्येक नागरिक को नशामुक्ति अभियान में अपनी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

कलेक्टर ने इस दौरान नशामुक्ति केंद्र की उपलब्ध सुविधाओं एवं सहायता के संबंध में भी जानकारी दी। उन्होंने नशे से प्रभावित व्यक्तियों को उपचार एवं सहायता से जोड़ने तथा परिवार और समुदाय के सहयोग से उन्हें नशे की लत से बाहर निकालकर बेहतर जीवन की ओर ले जाने की बात कही।

इस दौरान उपस्थित माताओं एवं ग्रामीणों ने नशामुक्त समाज के निर्माण में सहयोग करने का संकल्प लिया।

उल्लेखनीय है कि सिद्धेश्वर मंदिर राम वन गमन पर्यटन परिपथ में शामिल है। स्थानीय मान्यता के अनुसार यह प्राचीन स्वयंभू शिव मंदिर है, जहां भगवान श्रीराम द्वारा जलाभिषेक किए जाने की मान्यता है। जीवितिया पर्व के अवसर पर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही।

anil sahu
Author: anil sahu