
अंबिकापुर ब्यूरो
परीक्षा शुल्क वृद्धि के विरोध में एनएसयूआई ने खोला मोर्चा कुलपति के नाम सौंपा ज्ञापन
फीस वृद्धि तत्काल वापस लेने की मांग,आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को राहत देने की रखी मांग
सूरजपुर
संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय द्वारा विभिन्न पाठ्यक्रमों की परीक्षा फीस में की गई वृद्धि के विरोध में जिला एनएसयूआई सूरजपुर ने मोर्चा खोल दिया है छात्रहित से जुड़े इस मुद्दे को लेकर एनएसयूआई जिलाध्यक्ष आकाश साहू के नेतृत्व में विश्वविद्यालय के कुलपति के नाम शासकीय महाविद्यालय सूरजपुर के प्राचार्य के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया संगठन ने बढ़ी हुई परीक्षा फीस को तत्काल वापस लेने सहित विद्यार्थियों को आर्थिक राहत देने की मांग की है
एनएसयूआई द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि विश्वविद्यालय द्वारा विभिन्न पाठ्यक्रमों की परीक्षा फीस में बढ़ोतरी किए जाने से छात्र-छात्राओं के बीच चिंता एवं असंतोष का वातावरण निर्मित हो रहा है पहले से ही महंगाई और आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे विद्यार्थियों एवं उनके परिवारों के लिए परीक्षा शुल्क में अतिरिक्त वृद्धि एक और आर्थिक बोझ बन गई है
एनएसयूआई जिलाध्यक्ष आकाश साहू ने कहा कि उच्च शिक्षा का अवसर प्रत्येक विद्यार्थी को समान रूप से मिलना चाहिए आर्थिक स्थिति किसी विद्यार्थी की शिक्षा के रास्ते में बाधा नहीं बननी चाहिए
उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में विद्यार्थी ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं ऐसे विद्यार्थियों के लिए परीक्षा शुल्क में बढ़ोतरी सीधे तौर पर उनकी शिक्षा को प्रभावित कर सकती है ज्ञापन में कहा गया कि फीस वृद्धि का असर केवल विद्यार्थियों तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि उनके परिवारों पर भी अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ेगा
कई परिवार अपने बच्चों की पढ़ाई का खर्च बड़ी मुश्किल से वहन कर रहे हैं ऐसे में अचानक फीस बढ़ाए जाने से विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है
एनएसयूआई ने ज्ञापन के माध्यम से विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने छात्रहित में पांच प्रमुख मांगें रखीं। संगठन ने मांग की कि विश्वविद्यालय/महाविद्यालय द्वारा हाल में बढ़ाई गई परीक्षा फीस को तत्काल वापस लिया जाए
,फीस में किस प्रकार और कितनी वृद्धि की गई है इसकी स्पष्ट जानकारी विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जाए,आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए परीक्षा फीस में विशेष राहत एवं छात्रवृत्ति की सुनियोजित व्यवस्था की जाए,
फीस के नाम पर लिए जा रहे सभी अतिरिक्त शुल्क की समीक्षा कर अनावश्यक शुल्क को वापस लिया जाए,जिन विद्यार्थियों से बढ़ी हुई दर पर शुल्क जमा कराया जा चुका है
उनसे कम शुल्क निर्धारित कर अतिरिक्त राशि वापस की जाए विश्वविद्यालय प्रशासन को विद्यार्थियों की समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ समझना चाहिए उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर एवं सुलभ शिक्षा उपलब्ध कराना होना चाहिए न कि ऐसी फीस वृद्धि करना जिससे विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़े उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की कि फीस वृद्धि के निर्णय की पुनः समीक्षा कर विद्यार्थियों के हित में तत्काल सकारात्मक निर्णय लिया जाए
साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को विशेष राहत देने की व्यवस्था की जाए ताकि कोई भी विद्यार्थी केवल आर्थिक समस्या के कारण परीक्षा प्रक्रिया से प्रभावित न हो एनएसयूआई विश्वविद्यालय प्रशासन को चेताया है कि यदि छात्रहित में फीस वृद्धि का निर्णय वापस नहीं लिया गया तो संगठन द्वारा लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलनात्मक कदम उठाया जाएगा
एनएसयूआई ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों के अधिकार और उनकी समस्याओं को लेकर संगठन लगातार आवाज उठाता रहेगा
ज्ञापन के अंत में एनएसयूआई ने कुलपति एवं विश्वविद्यालय प्रशासन से छात्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए फीस वृद्धि वापस लेने की तत्काल घोषणा करने की मांग की संगठन ने उम्मीद जताई कि विश्वविद्यालय प्रशासन विद्यार्थियों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द उचित निर्णय करेगा
ज्ञापन सौंपने के दौरान एनएसयूआई संगठन प्रभारी युवध सिंह,कोषाध्यक्ष रूद्र प्रताप सिंह,ब्लॉक अध्यक्ष यश दास,यश साहू,विनोद सिंह,विशाल सिंह,गोमती राजवाड़े,संध्या सिंह,वैशाली साहू,प्रिया सोनवानी,यशमिता सिंह,दीपा कुंवर,प्रीति सोनी,प्रमिला,आस्था एवं अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे.l

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