
CG आजतक न्यूज़
ब्यूरोचीफ सरगुजा अंबिकापुर
आशिक खान
प्रसासनिक स्थातरण के बाद तहसीलदार दो माह बाद भी नहीं हुए रिलीफ
प्रशांसन मौन ,
नगर मे तरह तरह की चर्चा , सफ़ेद पोस नेताओ का संरक्षण से इंकार नहीं किया जा सकता l
24 फ़रवरी को प्रसासनिक आदेश के तहत सूरजपुर जिले के प्रेमनगर व रामानुजनगर तहसीलदार का स्थातरण किया गया था किन्तु आज दो माह बीतने के बाद भी रामानुजनगर तहसीलदार द्वारा पदभार से मुक्त नहीं होना संदेहासपद है
जिसकी वजह से नगर मे तरह तरह की चर्चा व्याप्त होता दिखाई दे रहा हैँ पान की दुकान चौक चौराहों होटलों मे बैठ क्यास लगाए जा रहें की वजह क्या है की
दो माह बाद भी तहसीलदार उमेश कुशवाहा का प्रेमनगर स्थातरण होने के बाद वे कुंडली मारकर बैठे हैँ, आपको यह हैरानी होगा की रामानुजनगर राजनीतीगढ़ कहे जाने वाले श्रीनगर, मात्र लोगों की जुबान पर हैँ
धरातल पर इसका कोई असर नहीं,
यहां पर विकासखंड के लगभग सभी प्रमुख अधिकारियों द्वारा मनमानी तरीके से अपने काम और कमीशन की वसूली करते हैँ इस लिए यहां से जाने के लिए अधिकारी नहीं करते
जबकि इनकी ज़ब पोस्टिंग होती है तों सरदर्द हो जाता हैँ की कहा फ़स गए लेकिन आते ही कमाई का पिटारा खुल जाता हैँ पैसा का मोह इतना बढ़ जाता हैँ
की जगह बदलने मे तकलीफ होता है इसी वजह से यहां से अधिकारी जाने से कतराता हैँ,
,विदित हो की रामानुजनगर तहसीलदार कार्यालय मे एक भृतय कई वषों से बड़े बाबू छोटे बाबू सहित रीडर का काम करता हुआ देखा जा रहा हैँ भृतय के द्वारा मनमानी तरीके से कमीशन लेकर अपने आका को दिया जाता हैँ, इसी तरह यहां पर स्टाम्प की बिक्री हमेशा डेढ़ गुना दोगुना राशि से बेचा जाता हैँ, नोटरी मे कमीशन, भूया नक्शा खसरा बी वन मे भी ग्रामीणों से अतिरिक्त राशि की वसूली आफरेटर द्वारा लिया जा रहा है
शुल्क कुछ ओर लेकिन यहां कुछ ओर तरीके से वसूली किया जा रहा हैँ,यह जांच का बिषय है
यहां पर विभिन्न प्रकार से कमीशन की वसूली खुले आम हो रहा लेकिन न तों नेताओ को इससे मतलब न ही मिडिया के लोगों को
इस लिए मनमानी तरीके से तहसीलदार कार्यालय आज की स्थिति मे पैसा कमाने का जरिया बन चूका है वहीं एक सफ्ताह पूर्व कांग्रेस के पदाधिकारी महेंद्र साहू ने ने तहसीलदार के स्थातरण सहित कमीशन खोरी पर सवाल खड़ा करते हुए कलेक्टर सूरजपुर से शिकायत किया हैँ किन्तु शिकायत पर अब तक अमल नहीं होने से स्थातरण हुए तहसीलदार का होशला बढ़ा हुआ हैँ,, अब देखना हैँ की तासीलदार हमेशा के लिए यहां रह पाते हैँ या प्रसाशन कही भेज पाता हैँ
वरिष्ठ ग्रामीणों सहित स्थानीय लोगों ने कलेक्टर से यह मांग किया हैँ की दो माह पूर्व हुए स्थनातरण आदेश के अवहेलना करने वाले अधिकारी के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही करते हुए पद मुक्त कराकर स्थातरण स्थल भेजनें की कार्यवाही सहित तहसीलदार कार्यालय मे दलाली कमीशन खोरी पर अंकुश लगना आवश्यक होना चाहिए जिससे गरीब असहाय लोगों का उचित कार्य संभावित समयानुसार पूर्ण हो सके l



