अस्पतालों में सेवा, घरों में संकट! 8 महीने तक वेतन नहीं मिलने की शिकायत, आखिर जिम्मेदार कौन?

SHARE:

[responsivevoice_button voice="Hindi Female"]

अनिल साहू

जीवनदीप समिति एवं DMF कर्मचारियों की परेशानी को लेकर स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने उठाई आवाज, डॉ. निलेश कुमार साहू ने CMHO को पत्र लिखकर मांगा बकाया वेतन

सूरजपुर । एक ओर दीपावली की तैयारियां, दूसरी ओर महीनों से वेतन का इंतजार! सूरजपुर जिले के शासकीय अस्पतालों में जीवनदीप समिति एवं जिला खनिज न्यास निधि (DMF) के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारियों की वेतन संबंधी समस्या को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने आवाज उठाई है। संघ ने मांग की है कि कर्मचारियों का अक्टूबर माह तक का लंबित वेतन दीपावली से पहले भुगतान किया जाए। संघ के अनुसार, जिले में कुछ कर्मचारियों को पिछले 5 से 8 महीने तक का वेतन नहीं मिला है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर इन कर्मचारियों की परेशानी का जिम्मेदार कौन है और इन्हें समय पर वेतन कब मिलेगा?

अस्पतालों की व्यवस्था संभाल रहे कर्मचारी, खुद आर्थिक संकट से जूझने को मजबूर

जिले के शासकीय अस्पतालों में डाटा एंट्री ऑपरेटर, कंप्यूटर ऑपरेटर, आयुष्मान ऑपरेटर, फार्मासिस्ट, ड्रेसर, धोबी, चौकीदार, वार्ड बॉय, आया और सफाई कर्मियों सहित विभिन्न पदों पर कार्यरत कर्मचारी स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। संघ का कहना है कि इनमें से अनेक कर्मचारी लंबे समय से अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन समय पर वेतन नहीं मिलने के कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

कम वेतन, ऊपर से महीनों की देरी; परिवार चलाना मुश्किल

संघ के मुताबिक, संबंधित कर्मचारियों को पहले ही सीमित वेतन मिलता है। ऐसे में कई महीनों तक भुगतान नहीं होना उनके लिए बड़ी समस्या बन गया है। घर का खर्च, बच्चों की पढ़ाई, दैनिक जरूरतें और त्योहार की तैयारियां प्रभावित हो रही हैं। दीपावली जैसे प्रमुख त्योहार से ठीक पहले वेतन नहीं मिलने की स्थिति कर्मचारियों की चिंता और बढ़ा रही है।

डॉ. निलेश कुमार साहू ने CMHO को लिखा पत्र

छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ, प्रकोष्ठ जिला इकाई सूरजपुर के जिला संयोजक एवं प्रकोष्ठ अध्यक्ष डॉ. निलेश कुमार साहू ने इस मामले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO), सूरजपुर को पत्र भेजकर कर्मचारियों की समस्याओं से अवगत कराया है।

पत्र के माध्यम से मांग की गई है कि जीवनदीप समिति एवं DMF के अंतर्गत जिले के शासकीय अस्पतालों में कार्यरत कर्मचारियों का अक्टूबर माह तक का बकाया वेतन दीपावली से पहले भुगतान कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए।

अब जिम्मेदार अधिकारियों के फैसले का इंतजार

संघ ने कर्मचारी हितों और मानवीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए जल्द निर्णय लेने की अपील की है। कर्मचारियों को उम्मीद है कि स्वास्थ्य विभाग एवं जिला प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए लंबित वेतन भुगतान की दिशा में ठोस कदम उठाएंगे।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है—जब कर्मचारी महीनों तक अपनी सेवाएं दे रहे हैं, तो उन्हें समय पर वेतन क्यों नहीं मिल रहा? क्या दीपावली से पहले उनके खाते में बकाया राशि पहुंचेगी, या उन्हें इस बार भी आर्थिक परेशानियों के बीच त्योहार मनाने को मजबूर होना पड़ेगा?

anil sahu
Author: anil sahu

सबसे ज्यादा पड़ गई