ग्रामीण भारत की डिजिटल यात्रा: डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन वैन से

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अनिल साहू

सूरजपुर । देश एवं राज्य के ग्रामीण अंचल में डिजिटल क्रांति का आगाज, अब हर व्यक्ति तक डिजिटल शिक्षा और ज्ञान का विस्तार होगा। जिला प्रशासन के सहयोग से एनआईआईटी फाउंडेशन और इंडस टावर इस अद्भुत पहल की शुरुआत सूरजपुर जिले में करने जा रही है, जिसके तहत डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन वैन (डीटीवी) के माध्यम से गांवों में डिजिटल शिक्षा का प्रसार किया जाएगा। यह वैन गांवों में जाकर युवाओं को निःशुल्क डिजिटल शिक्षा और प्रमाणपत्र प्रदान करता है। सौर ऊर्जा, विद्युत ऊर्जा एवं पेट्रोल से चलने वाली यह डिजिटल बस निम्नलिखित विशेषताओं के साथ आती है- 21 कंप्यूटर्स, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और वेबिनार सुविधाएं, प्रिंटिंग, सॉफ़्टवेयर और ई-लर्निंग उपकरण। इसके साथ ही, एक प्रबंधक, एक मोबलाइजर, एक प्रशिक्षक, और एक ड्राइवर भी इस बस में उपस्थित होते हैं।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य है ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देना, गांव की मैपिंग और समुदाय को एकत्र करना, शिक्षा में रुचि बढ़ाना, और ग्रामीण युवाओं के लिए समान अवसर प्रदान करना। इसके साथ ही पिछड़े एवं ग्रामीण इलाकों के छात्र जो किसी कारणवश अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ चुके हैं उनको प्राथमिकता दी जाएगी। यह स्मार्ट बस अब देश के 16 राज्यों में संचालित हो रही है और इसे इंडस टावर कंपनी की सीएसआर गतिविधि के तहत चलाया जा रहा है। सूरजपुर जिला छत्तीसगढ़ का पहला जिला है जहां इस बस का संचालन हो रहा है। निःशुल्क कोर्स पूरा करने के बाद, एनआईआईटी फाउंडेशन और इंडस टावर द्वारा निःशुल्क प्रमाणपत्र भी प्रदान किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट का डिजाइन और नियंत्रण भी एनआईआईटी फाउंडेशन द्वारा किया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण पहल के माध्यम से भारतीय गांवों में डिजिटल साक्षरता की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है।

anil sahu
Author: anil sahu

जिला प्रतिनिधि सूरजपुर