
त्रिपुरेश्वरपुर में 15वें वित्त आयोग की राशि में कथित घोटाले की शिकायत सूरजपुर कलेक्टर को लिखित शिकायत देकर जांच और कार्रवाई की मांग की गई है।
शिकायत के मुख्य बिंदु[
आरोप वित्तीय अनियमितता 15वें वित्त आयोग की राशि से कराए गए विकास कार्यों में गंभीर गड़बड़ी और शासकीय धन का दुरुपयोग
कागजों में काम पूरे, जमीन पर नहीं: अभिलेखों में कई कार्य पूर्ण दिखाए गए हैं,
जबकि मौके पर कार्य अपूर्ण, निम्न गुणवत्ता के या किए ही नहीं गए हैं
इससे शासन को आर्थिक क्षति और ग्रामवासियों के हित प्रभावित हुए हैं
कलेक्टर से की गई 5 प्रमुख मांगें
15वें वित्त आयोग के तहत स्वीकृत और खर्च की गई समस्त राशि की जांच कराई जाए
भौतिक सत्यापन सभी कार्यों का स्थल पर जाकर भौतिक सत्यापन और वित्तीय लेखा परीक्षण कराया जाए
कार्रवाई
जांच में दोषी पाए जाने पर सरपंच और अन्य जिम्मेदार अधिकारी/कर्मचारियों पर विधिसम्मत कार्रवाई
पद से हटाना यदि वित्तीय अनियमितता, दुरुपयोग, लापरवाही या कदाचार सिद्ध हो तो *छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम, 1993 की धारा 40 के तहत सरपंच को पद से हटाया जाए
वसूली: शासकीय धन की क्षति की वसूली कर शासन को प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाए
तकनीकी दल/सक्षम अधिकारी द्वारा कार्यों का भौतिक सत्यापन और लेखा परीक्षण होगा
धारा 40 की कार्रवाई*: यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो कलेक्टर सरपंच को कारण बताओ नोटिस देकर सुनवाई के बाद पद से पृथक करने की कार्रवाई कर सकते हैं
ग्राम पंचायतों में पारदर्शिता के लिए इस तरह की शिकायतें जरूरी हैं। उम्मीद है जिला प्रशासन मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करेगा।


