नन्हे कांवड़ियों ने लगाए ‘हर-हर महादेव’ के जयकारे, उदयपुर में पहली बार निकली भव्य बाल कांवर यात्रा

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भरत लाल गुप्ता 

स्काईरिच एजुकेशन स्कूल की अनूठी पहल—सैकड़ों बाल कांवड़ियों ने उददेश्वर शिवमंदिर में किया जलाभिषेक

उदयपुर। सावन माह के अंतिम सोमवार को उदयपुर में आस्था, संस्कार और भारतीय संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिला। स्काईरिच एजुकेशन हायर सेकेंडरी स्कूल द्वारा केजी-1 से कक्षा पांचवीं तक के विद्यार्थियों के लिए भव्य बाल कांवर यात्रा का आयोजन किया गया। विद्यालय के प्राचार्य रामप्रसाद गुप्ता एवं बच्चों के अभिभावकों के नेतृत्व में निकली इस यात्रा में सैकड़ों नन्हे बाल कांवड़िए भगवा वस्त्र धारण कर कांवर लेकर शामिल हुए।

विद्यालय के आचार्य आर.पी. गुप्ता की विशेष पहल से आयोजित इस आयोजन का उद्देश्य बच्चों को शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिकता, धार्मिक परंपराओं, अनुशासन और संस्कारों से जोड़ना रहा।

वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हुआ शुभारंभ

बाल कांवर यात्रा का शुभारंभ मां गायत्री क्षेत्र के साधक शुभलाल राजवाड़े, मूरितराम कौशिक एवं सतीश सोनी द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण एवं पूजा-अर्चना के साथ विद्यालय परिसर से किया गया। इसके बाद बाल कांवड़िए अपने अभिभावकों एवं विद्यालय परिवार के साथ कांवर लेकर उददेश्वर शिवमंदिर के लिए रवाना हुए।

यात्रा के दौरान नन्हे कांवड़ियों में खासा उत्साह देखने को मिला। बच्चे कांवर लेकर ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयघोष करते हुए आगे बढ़ते रहे। भगवा वेश में कांवर लेकर चलते बच्चों ने पूरे नगर का माहौल भक्तिमय कर दिया।

नगरवासियों ने पुष्पवर्षा कर किया स्वागत

विद्यालय से उददेश्वर शिवमंदिर तक निकली इस अनूठी यात्रा का नगरवासियों ने जगह-जगह स्वागत किया। लोगों ने बाल कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा कर उनका उत्साहवर्धन किया तथा भगवान भोलेनाथ से उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

नगर के व्यवसायी बाबूराम अग्रवाल, जिमी अग्रवाल, शिवकुमार सोनी, गुरु बच्चन सिंह सोनी, कल्लू सिंह सोनी, हरि सिंह सोनी सहित अन्य व्यवसायियों ने बच्चों के लिए फल, बिस्कुट, पानी की बोतल, लीची पानी सहित अन्य सामग्री वितरित कर उनका उत्साह बढ़ाया।

बाल कांवड़ियों के स्वागत के लिए मनीष बंसल एवं शारदा महिला मंडल की पदाधिकारियों एवं सदस्यों द्वारा भी विशेष व्यवस्था की गई। महिला मंडल की ओर से बच्चों को फल वितरित किए गए और उन्हें शुभकामनाएं दी गईं।

उदयपुर में पहली बार हुआ ऐसा आयोजन

नगर में इस प्रकार की बाल कांवर यात्रा का आयोजन पहली बार होने के कारण यह आयोजन लोगों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। नन्हे-नन्हे बच्चों को भगवा वेश में कांवर लेकर चलते देखकर नगरवासी भी उत्साहित नजर आए। बच्चों की श्रद्धा, अनुशासन और उत्साह ने सभी का मन मोह लिया।

उददेश्वर शिवमंदिर में किया जलाभिषेक

उददेश्वर शिवमंदिर पहुंचने के बाद सभी बाल कांवड़ियों ने विधि-विधान एवं श्रद्धापूर्वक भगवान शिव को जल अर्पित कर जलाभिषेक किया। बच्चों ने परिवार, विद्यालय एवं समाज की सुख-समृद्धि की कामना करते हुए भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया।

विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि इस तरह के आयोजनों का उद्देश्य बच्चों को केवल धार्मिक गतिविधियों से जोड़ना ही नहीं, बल्कि उनमें भारतीय संस्कृति, संस्कार, अनुशासन, सामाजिक एकता एवं सेवा भावना को मजबूत करना भी है।

अतिथियों ने की आयोजन की सराहना

कार्यक्रम में उदयपुर उप सरपंच शेखर सिंहदेव, भाजपा मंडल उपाध्यक्ष मनीष बंसल, शारदा महिला मंडल से कल्पना भदौरिया, व्यवसायी बसंत सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता कन्हाई राम बंजारा सहित नगर के गणमान्य नागरिक, विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं, विद्यार्थी एवं बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे।

विद्यालय के प्राचार्य रामप्रसाद गुप्ता ने बाल कांवर यात्रा के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बच्चों में बचपन से ही अपनी संस्कृति एवं परंपराओं के प्रति सम्मान की भावना विकसित करना आवश्यक है। उन्होंने आयोजन की सफलता के लिए विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों एवं नगरवासियों का आभार व्यक्त किया।

उप सरपंच शेखर सिंहदेव ने बच्चों की भक्ति यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि नन्हे बच्चों की भगवान भोलेनाथ के प्रति श्रद्धा देखकर मन प्रसन्न हो गया। उन्होंने विद्यालय परिवार को इस संस्कारमय आयोजन के लिए बधाई दी।

वहीं शारदा महिला मंडल की कल्पना भदौरिया ने कहा कि बच्चों को भारतीय संस्कृति एवं धार्मिक परंपराओं से जोड़ने वाले ऐसे आयोजन समाज के लिए प्रेरणादायक हैं।

 

सफल आयोजन में इनका रहा महत्वपूर्ण योगदान

कार्यक्रम के सफल आयोजन में विद्यालय के प्रबंधक श्यामा चरण गुप्ता, सोहगा मोबाइल, रोशन अग्रवाल परिवार, आकांक्षा ड्रेसेस, सूरज यादव, बिहारी होटल, हरि सोनी एवं उनके परिवार, बाबूराम अग्रवाल परिवार, पत्रकार बंधुओं सहित सुमन सिंह, अंजना गुप्ता, सविता गुप्ता, मथुरा साहू एवं सरस्वती सिंह का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

विद्यालय प्रबंधन, शिक्षक-शिक्षिकाओं, अभिभावकों एवं नगरवासियों की सहभागिता से सावन के अंतिम सोमवार को आयोजित यह बाल कांवर यात्रा धार्मिक आस्था, संस्कार, अनुशासन और सामाजिक सहभागिता का सुंदर उदाहरण बनकर सामने आई। नन्हे कांवड़ियों की यह यात्रा पूरे उदयपुर नगर में चर्चा और आकर्षण का विषय बनी रही।

anil sahu
Author: anil sahu