पुलिस ने भाजपा युवा मंडल के दुकान से दर्द बुखार की गोली जप्त कर मांगे एक लाख रिश्वत,

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पुलिस ने भाजयुमो मंडल अध्यक्ष के दुकान से ले गई दर्द बुखार का दवाई, कार्यवाही की धमकी देकर मांगे 1 लाख,

 

 

केंद्रीय मंत्री रेणुका सिंह के ह्तक्षेप के बाद मामला हुआ खत्म

 

 

 

 

 

 

सूरजपुर। पुलिस का कार्य अपराधियों में डर बनाने, एक बेहतर अपराध मुक्त समाज का निर्माण करने का दायित्व दिया गया है। इनको इसके लिए शासन की ओर से मोटी रकम की तनख्वाह दिया जाता है। इसके बाद भी प्रेमनगर के पुलिस अवैध वसूली में लगे हुए है। ग्रामीण अंचल के ग्रामीणों को पुलिस कानून का भय दिखा कर दोहन किया जा रहा है। जिसके बाद भी पुलिस के अफसर मौन साधे हुए है। 

 

जानकारी के मुताबिक जिले के प्रेमनगर थाना के नए प्रभारी नरेंद्र सिंह के पदभार संभालने के बाद पुलिस अपने दायित्वों का दुरुपयोग करते हुए देखी जा सकती है। छोटी छोटी मामलो में आम जन परेशान करना मानो पुलिस की आदत सी बन गई है। इसी कड़ी में भाजयुमो के मंडल अध्यक्ष सत्यम विश्वकर्मा के निवास कोटेया में पुलिस के एएसआई और एक आरक्षक के साथ किराना दुकान में जाकर अवैध तरीके से दर्द बुखार की दवाई बेचने के आरोप लगाकर थाना लाती है। और सत्यम विष्वकर्मा से एक लाख रुपए की मांग पुलिस द्वारा किया गया। पुलिस के डर से 5 हजार सत्यम विश्वकर्म के परिवार द्वारा दिया गया बाकी राशि देने के सौदा के बीच मामला केंद्रीय मंत्री रेणुका सिंह के पास पहुंचता है तब जाकर पुलिस परेशान करना बंद करती है। 

 

मामला 26 नवंबर दिन रविवार की है। भाजयुमो मंडल अध्यक्ष सत्यम विश्वकर्मा के पिता उमेश विश्वर्मा अपने जनरल स्टोर कोटेया में थे। कि तभी दोपहर में किसी मामले में पुलिस एएसआई रंजित सोनवानी व अन्य थाना के पुलिस कर्मी ना किसी हेल्थ ऑफिस, ड्रग इंस्पेक्टर के किराना दुकान में पहुंचते हैं। इस दौरान दुकान में रखे दर्द बुखार के दवाई को अपने कब्जे में लिया जाता है। दुकान में मौजूद उमेश्व विश्वकर्मा को पुलिस कर्मियों द्वारा थाना ले जाने की बता कही जाती है। कुछ देरी बाद भाजयुमो नेता सत्यम विश्वकर्मा घर आकर थाना आते है। यहां एएसआई रंजित सोनवानी द्वारा खाट जाता है कि आप को जेल जाना पड़ेगा, नही तो 1 लाख रुपए की मांग की गई।

 

 

 

 

 

 मोल भाव में मामला 20 हजार में सौदा हुआ। श्री विश्वकर्मा द्वारा 5 हजार दिया गया। और बाकी राशि बाद में देने की बात हुई। जिस पर एएसआई श्री सोनवानी द्वारा फोन पर बाकी की रकम की मांग फोन पर कई दफा कॉल कर की गई है। पुलिस द्वारा कहा गया कि आप कों जेल भेजना पड़ेगा, आप न्ययालय में इन दवाई का दस्तावेज दिखाइयेगा, इज्जत मान सम्मान और पुलिस के डर से एएसआई रंजित सोनवानी को 5 हजार रुपए दिया गया। बाकी का शेष 15 हजार की राशि बाद में देने का सहमति बना जिसके बाद एएसआई सोनवानी द्वारा कई दफा कॉल कर शेष राशि की मांग की जा रही थी। तभी मामले की सूचना केंद्रीय राज्य मंत्री रेणुका सिंह को दिया गया मामले की संज्ञान में लेकर मंत्री श्रीमती सिंह द्वारा थाना प्रभारी को फटकार लगाई है। तब जाकर मामला खत्म हुआ है। 

 

आपको बतादें कि प्रेमनगर पुलिस का काला चेहरा यही नही रुकता है बीते दिनों एक चार पहिया वाहन से उदयपुर मार्ग से आते वक्त डीजल पेट्रोल एक ग्रामीण द्वारा गांव में बेचने के लिए अपने चार पहिया वाहन में लाया जा रहा जिसके संबंध में दस्तावेज होने के बाद भी प्रेमनगर पुलिस के कर्मचारी द्वारा बीच रास्ते जंगल में रोक कर डराया धमकाया गया बल्कि थाना लाकर हजारों रुपए लिया गया।

Aashiq khan
Author: Aashiq khan