मां कुदरगढ़ी धाम में आग से हड़कंप, सूझबूझ से बचा मुख्य मंदिर

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अनिल साहू

नारियल के छिलकों से लगा लग,फाइबर शेड जलकर खाक

सूरजपुर। वन परिक्षेत्र ओड़गी अंतर्गत स्थित छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध आस्था केंद्र मां कुदरगढ़ी धाम मंदिर में शुक्रवार को अचानक भीषण आग लग गई। आग ने देखते ही देखते मंदिर परिसर के एक बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। हालांकि वन विभाग, बैगा समिति और स्थानीय ग्रामीणों की सूझबूझ व तत्परता से समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

नारियल के छिलकों से भड़की आग

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मंदिर परिसर के पीछे बने शेड के पास श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए नारियल के छिलके और अवशेष बड़ी मात्रा में जमा थे। अज्ञात कारणों से इन सूखे छिलकों में आग लग गई। तेज हवाओं के चलते आग तेजी से फैली और पास में लगे फाइबर शेड को अपनी चपेट में ले लिया।

ज्वलनशील फाइबर शीट होने के कारण कुछ ही मिनटों में पूरा शेड धू-धू कर जलने लगा। आग से उठते काले धुएं का गुबार दूर-दूर तक दिखाई देने लगा, जिससे परिसर में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।

वन अमले और ग्रामीणों ने संभाला मोर्चा

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। इसके साथ ही कुदरगढ़ बैगा समिति के सदस्य और स्थानीय ग्रामीण भी राहत एवं बचाव कार्य में जुट गए। सभी ने पानी और उपलब्ध संसाधनों की मदद से आग को मंदिर के मुख्य ढांचे तक फैलने से रोक दिया। घंटों की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

घटना के बाद मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और कचरा प्रबंधन को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु नारियल चढ़ाते हैं, ऐसे में छिलकों और अन्य ज्वलनशील अवशेषों का समय पर निपटान बेहद जरूरी है।

गनीमत रही कि यह हादसा किसी बड़े पर्व या भीड़भाड़ वाले दिन नहीं हुआ, अन्यथा स्थिति गंभीर हो सकती थी। फिलहाल प्रशासन नुकसान का आकलन कर रहा है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में बताई जा रही है।

anil sahu
Author: anil sahu

जिला प्रतिनिधि सूरजपुर