

अनिल साहू
सूरजपुर। प्रतापपुर थाना क्षेत्र में हुए बहुचर्चित अपहरण एवं हत्या प्रकरण में महत्वपूर्ण कानूनी सफलता हासिल करते हुए प्रतापपुर पुलिस ने गिरफ्तार 10 आरोपियों को 15 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पहले निचली अदालत से आरोपियों को जमानत मिलने के बाद पुलिस ने जिला अभियोजन अधिकारी के मार्गदर्शन में रिवीजन पिटिशन दायर की, जिसे स्वीकार करते हुए न्यायालय ने पूर्व आदेश निरस्त कर आरोपियों को 20 अगस्त 2026 तक न्यायिक रिमांड पर भेजने का आदेश दिया।
यह मामला 24 जुलाई 2026 को दर्ज हुआ था। ग्राम गोंदा निवासी सम्पतिया सूर्यवंशी ने थाना प्रतापपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 23 जुलाई की रात करीब 9 बजे हरिनन्दन राजवाड़े उनके घर पर मौजूद थे। इसी दौरान ललित राजवाड़े, सकल राजवाड़े, चंदन कसेरा सहित कई लोग सात मोटरसाइकिलों में सवार होकर पहुंचे और घर में घुसकर हरिनन्दन के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि सभी ने मिलकर हरिनन्दन को डंडों और हाथ-मुक्कों से बेरहमी से पीटा, फिर जबरन मोटरसाइकिल पर बैठाकर अपने साथ ले गए।
प्रार्थिया एवं उसके पति ने आरोपियों का पीछा किया। ग्राम भैंसामुड़ा के केंवरा चौक के पास हरिनन्दन गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़े मिले, जहां आरोपियों ने उन्हें छोड़कर फरार हो गए थे। सूचना पर पहुंची डायल-112 की सहायता से घायल को प्रतापपुर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
प्रार्थिया की रिपोर्ट पर थाना प्रतापपुर में अपराध क्रमांक 211/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत विवेचना शुरू की गई।
पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल के निर्देशन में प्रतापपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए साक्ष्य, गवाहों के बयान एवं घटनास्थल के निरीक्षण के आधार पर 27 जुलाई 2026 को 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया। कार्यपालिक दंडाधिकारी की उपस्थिति में आरोपियों की शिनाख्त कराई गई। पूछताछ में आरोपियों ने घटना में शामिल होना स्वीकार किया, जिसके बाद उनकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त 3 डंडे एवं 4 मोटरसाइकिल बरामद किए गए।

हालांकि, प्रारंभिक सुनवाई में न्यायालय ने रिमांड आवेदन खारिज करते हुए आरोपियों को 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया था। इसके बाद प्रतापपुर पुलिस ने जिला अभियोजन अधिकारी के मार्गदर्शन में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, प्रतापपुर के न्यायालय में पुनरीक्षण याचिका (रिवीजन पिटिशन) दायर की।
न्यायालय ने पुलिस के तर्कों को स्वीकार करते हुए पूर्व आदेश निरस्त कर दिया। इसके बाद 6 अगस्त 2026 को पुलिस ने आरोपियों को पुनः न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां सभी 10 आरोपियों को 20 अगस्त 2026 तक 15 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने का आदेश पारित किया गया।
पुलिस के अनुसार, इस मामले में फरार अन्य आरोपियों की तलाश लगातार जारी है और उनकी गिरफ्तारी के लिए विभिन्न स्थानों पर दबिश दी जा रही है।





