वृन्दावन प्रेमनगर मे रीपा ओधोगिक पार्क निर्माण की जांच अधर मे अटका

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सूरजपुर जिले के प्रेमनगर मे

सी ई ओं ने अपने चहेते ठेकेदार को रीपा मद के ओधोगिक पार्क को कमीशन बतौर कार्य का आवनटन कर दिया, जिसकी चर्चा प्रेमनगर सहित जिले के हर चौक चौराहो मे यह चर्चा का बिषय बना हुआ है,

ज्ञात हो की प्रेमनगर के अंतर्गत ग्राम पंचायत मे महात्मा गाँधी रीपा योजना मद के तहत गौठान परिसर मे ही ओधोगिक पार्क निर्माण की प्रसासनिक स्वीकृति देकर निर्माण एजेंसी का दायीतव ग्राम पंचायत को बनाया था किन्तु जनपद के सी ई ओं के रहमो करम से अपने एक चहेते को कमीशन लेकर कार्य को करने का मौखिक आदेश दें दिया, मौखिक आदेश पर ठेकेदार द्वारा कार्य को प्रारम्भ भी करा दिया जिसमे ठेकेदार को ग्राम पंचायत ने सर्व प्रथम 22 लाख रूपये का एडवांस चेक काट दिया, लेकिन इतना ही नहीं दूसरे, तीसरे बार भी 15/15 लाख कुल 52 लाख का भूकातन संबंधित ठेकेदार को चेक द्वारा प्रदाय किया गया,, लेकन जमीनी हकीकत यह है इतना राशि भुकतान के बाद भी निर्माण अधूरा है तथा कार्य को गुणवत्ता विहीन तरीके से निर्माण कराया जा रहा है, जिसकी शिकायत ग्रामीणों ने सामूहिक हास्ताक्षर कर जिला पंचायत विभाग के अपर सचिव से किया था, शिकायत को गंभीरता से लेते हुए अपर सचिव ने जिला पंचायत सूरजपुर को आदेश देते हुए समस्त शिकायतो की बिंदु वार जांच करने कहा था जिस पर जिला पंचायत प्रसासन ने जांच टीम गठन कर रीपा ओधोगिक पार्क निर्माण के संबंध मे जांच किया लेकिन जांच को हुए पंद्रह बीस दिन गुजर गए जांच पर कोई भी प्रतिक्रिया अब तक नहीं स्पष्ट हो पाया,है 

उल्लेखनीय है की जनपद के सी ई ओं के ईसारे पर पी ई ओं सहित टेंकनिकल अधिकारी भी लाभ पहुंचाने तथा कमीशन खोरी के कारण अधूरा कार्य को 95 प्रतिशत का मूल्यांकन व  सत्यापन कराकर 52 लाख का भुकतान चेक द्वारा कर दिया गया जो प्रथम मे 22 लाख, द्वितीय त्रित्य मे 15,, 15 लाख दें दिया और निर्माण आज भी अधूरा पड़ा हुआ है सरपंच सचिव को कार्यवाही का दबाव बनाते हुए बलि का बकरा बना दिया गया, पंचायत को मात्र पैसा निकालने का मशीन रबर स्टाम्प बना  दिया गया जिससे पंचायत अब पूरी तरह से फसते नजर आ रहा है, इतना ही नहीं सी ई ओं ने अपने चहेते ठेकेदार को लाभ पहुंचाने के लिए सचिव को दबाव बनाकर चेक कटवाकर दिलवा दिए, इन सब की जानकारी ज़ब ग्रामीणों को लगने के पश्चात ग्रामीणों ने जिला पंचायत अपर सचिव को शिकायत किया था, इसके पहले जनपद के सी ई ओं से भी किया था लेकिन कमीशन तले दबे सी ई ओं ने शिकायत को नजर अंदाज कर दिया, परेशान हालत मे ग्रामीणों ने उच्च अधिकारी से शिकायत कर दिया था, जिसपर जांच हुई लेकिन जांच का दायरा कहा तक सत्य है अबतक यह स्पष्ट नहीं हो पाया जिससे पंचायत और सी ई ओं बेखौफ हैँ

CG आजतक न्यूज़ ने वृन्दावन रीपा ओधोगिक पार्क पहुंचकर वस्तु स्तिथि का जायजा लिया जिसमे यह पाया गया की घटिया ईट, जो टुकड़ो मे थे उसे लगा रहे थे, बालू मिट्टी मिक्स, सरिया मे 10 एम एम का समुचा पीलिंथ बीम और डोर लेबल मे डाला गया है, भवन निर्माण हो या, अहाता निर्माण व्यापक तरीके से भरस्टाचार किया गया है, गौठान परिसर मे ही कचड़ा सेड का निर्माण कराया था जो हल्की तूफ़ान मे उड़ गया, यह जांच का बिषय है इस तरह दीवाल प्लास्टर मे भी खुले आम स्तरहीन कार्य कराया गया है, अहाता का प्लास्टर अभी से ही उखड़ना शुरू हो चूका है, ऐसे मे मुख्यमंत्री की ड्रीम प्रोजेक्ट तथा महत्वकाक्षी योजना पर बंदर बाट खुले आम किया गया है

जनपद प्रेमनगर के सी ई ओं ने कहा की सभी आरोप बेबुनियाद है , कहा मेरा कोई संरक्षण नहीं है, कहा हड़ताल के समय चेक काटने की सुचना मिला है, l

Aashiq khan
Author: Aashiq khan