
CG आजतक न्यूज़ ब्यूरो
अंबिकापुर सरगुजा
आशिक खान
आत्मानंद विद्यालय भवन तैयार, पर हैंडओवर में देरी से पालक चिंतित;
दोहरी पाली से प्रभावित हो रही पढ़ाई
शिक्षकों की बल्ले बल्ले
सूरजपुर जिले के – रामानुजनगर मुख्यालय स्थित सेजेस रामानुजनगर सह शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के नवनिर्मित स्वामी आत्मानंद विद्यालय भवन का कार्य पूरा होने के बावजूद समय पर हैंडओवर न होने से पालकों में गहरा असंतोष और चिंता पाई जा रही है। दूसरी ओर शिक्षकों की 3 घंटों की ड्यूटी टाइमिंग को लेकर पालकों में सवाल उठ रहे हैं।
विद्यालय भवन पूरी तरह तैयार होने के बावजूद अभी तक कक्षाओं का संचालन शुरू नहीं हो पाया है। परिणामस्वरूप विद्यालय पिछले कई महीनों से दोहरी पाली में संचालित हो रहा है। सुबह और दोपहर की पाली में लगने वाली कक्षाओं में विद्यार्थियों को प्रतिदिन मुश्किल से 3.30 घंटे का समय मिल रहा है, जिसमें प्रार्थना, लघु अवकाश, दीर्घ अवकाश, मध्यान्ह भोजन, खेल व अन्य गतिविधियाँ भी शामिल हैं।
पालकों का कहना है कि इतनी कम अवधि में नियमित और गुणवत्तापूर्ण कक्षाएं संचालित कर पाना लगभग असंभव है। विशेष रूप से तब, जब केवल दो महीने बाद कक्षा 10 वीं और 12 वीं की बोर्ड परीक्षाएं प्रस्तावित हैं। सीमित समय में पाठ्यक्रम की पूर्ति को लेकर पालक गहरी चिंता व्यक्त कर रहे हैं। कुछ पालकों का यह भी कहना है कि जहाँ सामान्यतः शिक्षक और कर्मचारी छह घंटे अपनी ड्यूटी देते हैं, वहीं वर्तमान परिस्थितियों में कई शिक्षक मात्र 3 से 3.30 घंटे में अपना कार्य निपटाकर वापस चले जाते हैं। इससे विद्यार्थियों के अध्ययन समय पर सीधा असर पड़ रहा है। पालकों के अनुसार, “भवन बनकर तैयार है, फिर भी बच्चों को पुराने भवन में पाली व्यवस्था में पढ़ाया जा रहा है — इसका खामियाजा केवल बच्चों को ही भुगतना पड़ रहा है।”
पालकों ने जिला एवं विकासखंड शिक्षा विभाग से मांग की है कि नवनिर्मित आत्मानंद विद्यालय भवन का हैंडओवर जल्द से जल्द कराया जाए, ताकि विद्यालय का संचालन एक ही पाली में नियमित समय से हो सके और विद्यार्थियों को पर्याप्त अध्ययन समय मिले। उन्होंने कहा कि यदि समय पर समाधान नहीं किया गया तो बोर्ड परीक्षाओं में विद्यार्थी मानसिक दबाव और अधूरी तैयारी का सामना करेंगे।
सर्वांगीण विकास के नाम पर खानापूर्ति- कुछ बच्चों एवं पालको ने बताया कि विद्यालय में दीर्घ अवकाश के समय गेट बंद कर दिया जाता है और हमे ग्राउण्ड में खेलने नहीं दिया जाता। इससे बच्चों में खेल और शारीरिक गतिविधियों के प्रति रुचि प्रभावित हो रही है।
प्राचार्य पी सी – बिल्डिंग हैंडओवर नहीं होने के कारण हम विद्यार्थियों का नवीन भवन में कक्षाओं का संचालन नहीं कर सकते। बच्चों को पढ़ाई के लिए बहुत ही कम समय मिल पा रहा है। जैसे ही बिल्डिंग हैंडओवर होता है हम तुरंत कक्षाओं को शिफ्ट करेंगे।





