
CG आजतक न्यूज़
ब्यूरो अंबिकापुर सरगुजा




सूरजपुर जिले के रामानुजनगर ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत मदनपुर मे जल संसाधन विभाग के द्वारा बनाया जा रहा स्टाप डेम निर्माण मे व्यापक रूप से भ्रस्टाचार व खुले आम घटिया निर्माण कराने का मामला प्रकाश मे आया है,
विदित हो की रामानुजनगर के ग्राम पंचयात मदनपुर मे स्टाप डेम का निर्माण कार्य
महात्मा गांधी रास्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारांटी के तहत स्वीकृति मिला है,
जिसका निर्माण एजेंसी का दायित्व जल संसाधन विभाग संभाग सूरजपुर को सौपा गया है,
जिसकी प्रसासनिक स्वीकृति राशि लगभग 41..98 लाख है,
जिसमे समाग्री लागत 33.33 लाख रूपये तथा कार्य श्रमिक लागत 8.65लाख सुचना बोर्ड पर अंकित किया गया है,
चुकी चालिस लाख रूपये की लागत से बनाया जा रहा स्टाप डेम गुणवत्ता विहीन तरीके से निर्माण किया जा रहा है,
जिसमे मटेरियल मे स्टीमेन्ट के विपरीत खुले आम 1..6.9.के मानको के साथ सीमेंट गिट्टी रेत का मिश्रण किया जा रहा है
,. ग्रामीणों का आरोप है की बेस की ढालाई मे कौनकरीट गिट्टी की जगह मेटल गिट्टी से करा दिया गया है,जिससे भविष्य मे नीव की मजबूती का सवाल उठाया जा रहा है,
स्टीमेन्ट मे छड़ की मात्रा भी सिमित लगाया गया है,,,जो मात्र गिनती का डाला गया है,,
जिससे नव निर्मित स्टाप डेम के लिए एक बरसात भी टिक पाना असम्भव जैसा प्रतीत होता है,
विभागीय अधिकारी एवं ठेकेदार की आपसी कमीशन खोरी के कारण ही इस तरह घटिया निर्माण व प्राकलन के विपरीत कार्य कराया जा रहा है
, आखिर इस तरह एकतालिस लाख रूपये की लागत से बनया जा रहा स्टाप डेम निर्माण मे व्यापक पैमाने का भरस्टाचार किया जा रहा है
,जहाँ पर प्राकलन और नियम कानून की धजिया उड़ाते हुए विभाग के अधिकारी मात्र ले आउट कर वापसी हो गए किन्तु आजतक निर्माण स्थल पहुंचकर निरीक्षण करना ठेकेदार और अधिकारी के बीच कमीशन खोरी के कारण ही खुला छूट दे रक्खा है
, जिस वजह से मनमानी तरीके से कार्य को कराया जा रहा है,
ज्ञात हो की इसी तरह जल संसाधन विभाग के द्वारा इसी तरह और कई स्थान मे निर्माण कराया जहाँ पर स्टाप डेम जमीं दोज हो चूका है
ग्रामीणों ने खबर के माध्यम से जिला प्रसाशन का ध्यान आकर्षित कराते हुए उक्त स्टाम डेम निर्माण की जांच कराकर तथा उक्त निर्माण मे संलिप्त अधिकारी कर्मचारी के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही की मांग जिला प्रसासन से किया है,बताया जाता है की लेबरों से भी कई बार अभद्र व्यवहार किया जाता रहा है, वहीं मजदूरों को दो हप्ते से उनका मजदूरी नहीं दिया गया है, इस तरह यहां पर निर्माण मे पानी की तराई तक नहीं कराया जाता है,
पूछने पर कहा जाता है की पानी के भीतर बन रहा है जबकि ऊपर की ऊपरी सतह मे कभी तराई नहीं कराया गया है
जिससे मानको की अनदेखी के कारण नव निर्मित स्टाप डेम
जिस उद्देश्य से प्रसासकीय स्वीकृति मिली थी, कही न कही लीपा पोती कर निर्माण कार्य को इतिश्री करने की फिराक मे है,,
सरपंच
जय सिंह उर्रे से सम्पर्क करने की कोशिस किया गया जिससे उनका पक्ष ज्ञात नहीं हो सका वहीं विभाग के अधिकारी sdo का मोबाइल बंद पाया गया l



