ग्राम स्तरीय कुंभकार वस्तुओं का निर्माण भूमि हेतु 5 एकड़ की मांग

SHARE:

[responsivevoice_button voice="Hindi Female"]

भरत लाल गुप्ता 

महात्मा गांधी के सपनों का भारत में मिट्टी के बर्तनों का बहु उपयोगी प्रोत्साहन हेतु भूमि आवश्यक।

पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा आदेशित प्रपोजल की खुलेआम उड़ रही धज्जियां?

फाइलों में दब कर रह गई जनभानाओ की अपेक्षाएं!

कुम्हारों के लिए प्रत्येक गांव में मिट्टी की कार्य करने के लिए 5 एकड़ भूमि आरक्षित कराने की मांग 

सरगुजा जिला अध्यक्ष शंकर प्रजापति के नेतृत्व पर शासन की आदेश का दस्तावेज कलेक्टर को सौंपकर अवगत कराया

 उदयपुर। प्रदेश में 18 साल पहले रमन सरकार ने कुम्हारों के लिए प्रत्येक गांव में मिट्टी की कार्य कराने के लिए 5 एकड़ भूमि आरक्षित करने की आदेश जारी करने के बावजूद आज तक सरगुजा जिले की गांव में भूमि आवंटित नहीं किया गया। इसको लेकर कुम्हार समाज पदाधिकारीयों ने कलेक्टर बिलास भोस्कर को ज्ञापन सौंपकर पहल कराने की मांग की है।

बीते आठ सितंबर को कुम्हार समाज सरगुजा जिला अध्यक्ष शंकर प्रजापति के नेतृत्व में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया जिसमें बताया है कि सन 2006 में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह की निर्देश पर राजस्व विभाग के अवर सचिव विलियम कुजूर ने भू राजस्व संहिता 1959 की धारा 237 का हवाला देते हुए 26 सितम्बर 2006 को आदेश जारी कर छत्तीसगढ़ के प्रत्येक ग्राम पंचायत में कुम्हारों के लिए 5 एकड़ भूमि आरक्षित करने की आदेश जारी किया है।

मामले में राजस्व आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव नीलम नामदेव एक्का ने 20 अप्रैल 2023 को आदेश जारी कर राज्य के समस्त कलेक्टर को निर्देशित करते हुए कुम्हारों के लिए मिट्टी कार्य प्रयोजन के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में कुम्हारों के लिए 5 एकड़ भूमि आरक्षित करने के लिए फिर से आदेश जारी किया है। इसमें कलेक्टरों को निर्देशित करते हुए कहा है की जिले के तहसीलदार के द्वारा तहसील स्तर पर सर्वे कराकर आरक्षित भूमि की खसरा और रकबा नंबर की सूची उपलब्ध कराएं। साथ ही सन् 2006 से 2023 तक संबंधित कई विभाग की ओर से आदेश किया गया है।

कुम्हार समाज के लिए सरकार कई बार आदेश जारी करने की बावजूद जिले के कलेक्टर इस मामले में गंभीर नहीं ले रहे हैं। जबकि मोदी जी ने लोकल फॉर वोकल को बढ़ावा देने के लिए विदेशी चीजों को त्याग कर देशी सामानों को अपनाने की आदेशित किया है। ज्ञापन के दौरान जिला उपाध्यक्ष घासी राम प्रजापति, सुहांग प्रजापति, शिवनाथ प्रजापति, परमेश्वर प्रजापति सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

सरकार के आदेश पर सरगुजा जिले के तहसील कार्यालय अंबिकापुर, लखनपुर, उदयपुर, लुण्ड्रा, सीतापुर, बतौली विकासखंड के गांव में हल्का पटवारीयों के द्वारा सर्वे कराया गया है इस सर्वे के आधार पर कुल 66 गांव में अलग अलग खंडवार 216 हेक्टेयर से अधिक की भूमि रकबा व खसरा नंबर के साथ सर्वे करवा कर विभाग में जमा कर दी गई है इसके बावजूद यह मामला आज तक ठंडा बस्ते में है। सरगुजा के कुम्हार समाज पदाधिकारीयों ने समाज कल्याण के लिए इस मामले को पहल कराने की ठान ली है।

anil sahu
Author: anil sahu

जिला प्रतिनिधि सूरजपुर

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *