बनवासी बयान के विरोध मे सूरजपुर अग्रसेन चौक स्थित जोरदार प्रदर्शन पुतला दहन

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वनवासी” बयान के विरोध में सूरजपुर में जोरदार प्रदर्शन, पुतला दहन कर सौंपा ज्ञापन

 

सूरजपुर, 

केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा “वनवासी” शब्द के प्रयोग के विरोध में बुधवार को जिला मुख्यालय सूरजपुर के अग्रसेन चौक (पुराना बस स्टैंड) में आदिवासी एवं मूलवासी समाज के लोगों ने व्यापक स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया।

इस दौरान सैकड़ों की संख्या में उपस्थित लोगों ने जनसभा आयोजित कर अपनी नाराजगी जताई तथा गृह मंत्री का पुतला दहन किया।

प्रदर्शन के दौरान मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों—तेज धूप और अचानक हुई बारिश—के बावजूद प्रदर्शनकारियों का उत्साह कम नहीं हुआ। लोग भीगते हुए भी डटे रहे और जोरदार नारेबाजी के साथ अपना विरोध दर्ज कराया।

उल्लेखनीय है कि 24 मई 2026 को आयोजित जनजाति सुरक्षा मंच के एक कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा आदिवासी समुदाय को “वनवासी” कहकर संबोधित किया गया था।

इस टिप्पणी के बाद से ही आदिवासी समाज में व्यापक आक्रोश देखा जा रहा है, जो अब विभिन्न स्थानों पर विरोध प्रदर्शनों के रूप में सामने आ रहा है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सर्व आदिवासी समाज (युवा प्रभाग) के जिला अध्यक्ष बी.पी.एस. पोया ने कहा कि आदिवासी समाज भारत की प्राचीनतम मूलवासी सभ्यता का प्रतिनिधित्व करता है

, जिसकी अपनी अलग भाषा, संस्कृति, परंपरा और जीवन-पद्धति है।

उन्होंने कहा कि “आदिवासी” शब्द उनकी ऐतिहासिक पहचान का प्रतीक है, जबकि “वनवासी” शब्द इस पहचान को सीमित और विकृत करता है।

यह न तो ऐतिहासिक रूप से प्रमाणित है और न ही शैक्षणिक दृष्टि से उचित है।

उन्होंने आगे बताया कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 342 के अंतर्गत आदिवासी समुदाय को “अनुसूचित जनजाति” के रूप में मान्यता प्राप्त है।

साथ ही अनुच्छेद 14, 15, 21, 29 एवं 46 के तहत समानता, गरिमा, सांस्कृतिक अधिकार और विकास की संवैधानिक गारंटी प्रदान की गई है।

ऐसे में भ्रामक शब्दों का प्रयोग संविधान की मूल भावना के विपरीत है।

बी.पी.एस. पोया ने केंद्रीय गृह मंत्री से सार्वजनिक रूप से माफी की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि भविष्य में भी इस प्रकार की शब्दावली का प्रयोग किया गया,

तो ग्राम से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक व्यापक आंदोलन किया जाएगा।

प्रदर्शन के अंत में महामहिम राष्ट्रपति एवं राज्यपाल के नाम ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से सौंपा गया। समाज के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि वे संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था में पूर्ण विश्वास रखते हैं,

लेकिन अपनी सामाजिक एवं सांस्कृतिक पहचान की रक्षा के लिए वैधानिक तरीके से आवाज उठाना उनका अधिकार है।

कार्यक्रम में सर्व आदिवासी समाज के संरक्षक जुनास एक्का, जिला उपाध्यक्ष सुमन टोप्पो, युवा प्रभाग संभाग अध्यक्ष राजा क्षितिज कुमार सिंह उइके सहित विभिन्न ब्लॉकों के अध्यक्ष—शिव प्रताप सिंह आयाम (सूरजपुर), गुलाब सिंह नेताम (रामानुजनगर), विनय पावले (भैयाथान), चंद्रसेन सिंह पोया (ओड़गी), संपलाल सिंह पोया (प्रतापपुर), तथा प्रेमनगर कार्यकारिणी अध्यक्ष सूरज सिंह पोर्ते—उपस्थित रहे।

इसके अतिरिक्त अशोक पैकरा, गीता पंडो, मनीष प्रताप सिंह उर्रे, संदीप कुशवाहा, चिंटू सोनवानी, दीपक मानिकपुरी, अमित कुमार मिंज, अमित कुमार सिंह खैरवार, मीना गौतम, युगेश सोनपाकर, दीपक सिंह धुर्वे सहित समाज के अनेक पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे।

Aashiq khan
Author: Aashiq khan