
सूरजपुर में बिजली की “आंख-मिचौली” से जनता बेहाल: कटौती बिल दोनों की मार
सूरजपुर जिला मुख्यालय सहित जिले के लगभग सभी 6 विकासखंडों में *बिजली कटौती को लेकर उपभोक्ताओं में भारी आक्रोश है।
समस्या क्या है
अघोषित कटौती*: दिन-रात बिना सूचना के बिजली काटी जा रही है। कारण हमेशा “मेंटेनेंस और फाल्ट” बताया जाता है
मौसम का बहाना: बूंदा-बांदी और हल्की हवा में भी लाइन बंद कर दी जाती है
बिल फिर भी आ रहा*: एक तरफ घंटों कटौती, दूसरी तरफ बिजली का बिल लगातार आ रहा है – “दोनों तरफ से जनता पिस रही है”
किसानों की दिक्कत*: इस सीजन में खेती-बाड़ी और सिंचाई के समय बिजली कटने से किसानों को भारी नुकसान
घरों की परेशानी माताओं-बहनों को खाना बनाने, बच्चों की पढ़ाई में दिक्कत। बरसात में सांप-बिच्छू का खतरा भी बढ़ गया है क्योंकि रात में अंधेरा रहता है
आरोप है कि ये कटौती बड़े अधिकारियों के “रहमो-करम” या आदेश से लंबी-लंबी की जा रही है।
ग्रामीणों की मांग
बिजली विभाग और वरिष्ठ अधिकारियों से अपील की गई है:
शाम 6 बजे से रात तक कटौती न हो*: ताकि बच्चे पढ़-लिख सकें और घरेलू काम हो सकें
पहले से सूचना*: अगर किसी खास फाल्ट/मेंटेनेंस के लिए काटना है तो *हर क्षेत्र में व्हाट्सएप बिजली ग्रुप* बनाकर पहले सूचना दी जाए कि क्यों और कब तक कटेगी
पारदर्शिता*: इससे बिजली विभाग पर उठ रही उंगली बंद होगl
बारिश के मौसम में मेंटेनेंस जरूरी है, लेकिन बिना सूचना के लंबी कटौती से जनजीवन प्रभावित होता है। विभाग को “कटौती + सूचना” दोनों का बैलेंस बनाना चाहिए।


