

अनिल साहू
चेकिंग अभियान में 102 नाबालिग स्कूली छात्र दोपहिया चलाते मिले, अभिभावकों से वसूला ₹63 हजार समन शुल्क; यातायात नियम तोड़ने वाले 58 अन्य चालकों पर भी कार्रवाई
सूरजपुर। जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के लिए सूरजपुर पुलिस ने नाबालिग स्कूली छात्रों के वाहन चलाने के खिलाफ विशेष अभियान चलाया। पुलिस अधीक्षक सूरजपुर श्री योगेश कुमार पटेल (भापुसे) के निर्देश पर जिलेभर में स्कूलों के आसपास एवं प्रमुख मार्गों पर सघन वाहन चेकिंग की गई।
अभियान के दौरान 102 नाबालिग स्कूली छात्र दोपहिया वाहन चलाते हुए पकड़े गए। पुलिस ने उनके अभिभावकों को मौके पर बुलाकर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की और कुल 63,000 रुपये का समन शुल्क वसूल किया। साथ ही अभिभावकों को स्पष्ट रूप से समझाइश दी गई कि 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को वाहन चलाने की अनुमति न दें।
इसी अभियान में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 58 अन्य वाहन चालकों के खिलाफ भी मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की गई, जिनसे 8,600 रुपये का समन शुल्क लिया गया। वहीं, शराब के नशे में वाहन चलाते मिले 4 लोगों के खिलाफ धारा 185 के तहत कार्रवाई करते हुए इस्तगाशा माननीय न्यायालय में पेश किया गया।
इस तरह पुलिस ने अभियान के दौरान कुल 160 प्रकरणों में 71,600 रुपये का समन शुल्क वसूल किया।
स्कूलों में भी चलाया जा रहा जागरूकता अभियान
सूरजपुर पुलिस द्वारा केवल कार्रवाई तक सीमित न रहते हुए जिले के विभिन्न स्कूलों में जाकर विद्यार्थियों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। छात्रों को समझाया जा रहा है कि 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने और वैध ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने के बाद ही वाहन चलाएं।
पुलिस ने चेतावनी दी है कि यदि कोई नाबालिग वाहन चलाते हुए पाया जाता है तो मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों के तहत वाहन स्वामी अथवा अभिभावक के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। संबंधित विद्यालयों से भी विद्यार्थियों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने का आग्रह किया गया है।

एसपी की अभिभावकों से अपील
पुलिस अधीक्षक श्री योगेश कुमार पटेल ने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि नाबालिग बच्चे देश का भविष्य हैं और उनकी सुरक्षा सभी की जिम्मेदारी है। 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के किसी भी प्रकार का वाहन चलाने की अनुमति न दें।
उन्होंने कहा कि नाबालिगों का वाहन चलाना कानून का उल्लंघन होने के साथ-साथ उनके स्वयं के जीवन और सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा है। अभिभावक बच्चों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करें और उनके सुरक्षित एवं उज्ज्वल भविष्य की जिम्मेदारी निभाएं।
Author: anil sahu
जिला प्रतिनिधि सूरजपुर




