

अनिल साहू
ज्ञानदीप पुरस्कार से सम्मानित शिक्षिका एम. टोप्पो सहित 24 बाल शिक्षकों को भी किया गया सम्मानित
सूरजपुर/ विश्रामपुर। क्षेत्र के प्रथम बस्तामुक्त विद्यालय शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला रुनियाडीह में शिक्षक दिवस के अवसर पर गुरु सम्मान समारोह का गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पूर्व संकुल प्रभारी एवं हायर सेकेंडरी स्कूल रामनगर की सेवानिवृत्त प्राचार्या श्रीमती सुषमा बखला मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण 2026 के ज्ञानदीप पुरस्कार से सम्मानित शिक्षिका श्रीमती एम. टोप्पो सहित बाल शिक्षकों का सम्मान किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती एवं भारत के पूर्व राष्ट्रपति तथा महान शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की छायाचित्र पर पूजा-अर्चना एवं माल्यार्पण के साथ किया गया। मंच पर एसएमसी अध्यक्ष कौशिल्या राजवाड़े, पूर्व अध्यक्ष श्रीमती एनवति राजवाड़े, अमरेश राजवाड़े, धर्मजीत राजवाड़े, ग्राम के शिक्षाविद् मो. इसराइल खान, संकुल समन्वयक विजेंद्रलाल जायसवाल, जूलिता टोप्पो एवं श्रीमती एम. टोप्पो विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

गुरु के बताए मार्ग पर चलने का दिया संदेश
मुख्य अतिथि श्रीमती सुषमा बखला ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में गुरु की महिमा का वर्णन करते हुए विद्यार्थियों को गुरु के बताए मार्ग पर चलने और उनके निर्देशों का अनुसरण करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने नियमित रूप से विद्यालय आने, मन लगाकर अध्ययन-अध्यापन करने तथा विद्यालय में पढ़ाए गए विषयों की शाम को पुनरावृत्ति करने की सीख दी।
कार्यक्रम में धर्मजीत राजवाड़े, श्रीमती जूलिता टोप्पो एवं शिक्षाविद् मो. इसराइल खान ने भी अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने गुरु को गोविंद का स्वरूप बताते हुए विद्यार्थियों से सदैव गुरुजनों के प्रति सम्मान रखने और उनके मार्गदर्शन का अनुसरण करने का आह्वान किया।
एक दिन के शिक्षक बने बच्चों का बढ़ाया उत्साह
शिक्षक दिवस के अवसर पर विद्यालय के बच्चों ने एक दिन के लिए बाल शिक्षक बनकर अध्ययन-अध्यापन कार्य किया था। इन बाल शिक्षकों को कार्यक्रम के दौरान लेखनी भेंटकर सम्मानित किया गया। सम्मान पाने वाले बाल शिक्षकों में विनीता, वेदिका, देविका विश्वकर्मा, दुर्गेश्वरी, रीता, रितु राजवाड़े, मीनाक्षी, सुनीता सिंह, कुमकुम, लक्ष्मी यादव, रिया विश्वकर्मा, सुनीता राजवाड़े, रिया सिंह, वर्षा राजवाड़े, कोमल सिंह, मनीता राजवाड़े, ललित राजवाड़े, नगीना यादव, सुरेखा, संगीता, प्रतिमा विश्वकर्मा, रचना देवांगन, माही देवांगन एवं सरस्वती राजवाड़े शामिल रहे।
सम्मान स्वरूप लेखनी प्राप्त करते ही बाल शिक्षकों के चेहरों पर खुशी और उत्साह देखते ही बना। विद्यालय की इस पहल ने बच्चों में नेतृत्व क्षमता, जिम्मेदारी और शिक्षण के प्रति रुचि बढ़ाने का संदेश दिया।
ज्ञानदीप पुरस्कार से सम्मानित एम. टोप्पो का हुआ सम्मान
कार्यक्रम में संस्था की शिक्षिका श्रीमती एम. टोप्पो को मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण 2026 अंतर्गत ज्ञानदीप पुरस्कार प्राप्त होने पर अंगवस्त्र, लेखनी, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। वहीं सेवानिवृत्त प्राचार्या एवं कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती सुषमा बखला को भी अंगवस्त्र, मोमेंटो, श्रीफल एवं लेखनी भेंटकर सम्मानित किया गया
कार्यक्रम को सफल बनाने में रिजवान अंसारी सहित बाल कैबिनेट के मंत्री पायल राजवाड़े, घरभरन, कुश देवांगन, रिया सिंह, खुशी सिंह, साधना राजवाड़े, शांति सिंह, संध्या राजवाड़े, कोमल सिंह, वर्षा राजवाड़े, सुनीता सिंह एवं नेहा सिंह की सक्रिय भूमिका रही।
इस आयोजन ने शिक्षक दिवस को केवल सम्मान का अवसर ही नहीं बनाया, बल्कि विद्यार्थियों में गुरु के प्रति आदर, नेतृत्व क्षमता और जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूत किया।





