बेटियों के सम्मान और शिक्षा को बढ़ावा देने की अनूठी पहल, त्रिपुरेश्वरपुर स्कूल में न्योता भोज के साथ हुआ कन्या भोज

SHARE:

[responsivevoice_button voice="Hindi Female"]

अनिल साहू

कॉपी-पेन और शैक्षणिक सामग्री भेंट कर बालिकाओं को किया प्रोत्साहित, शिक्षा के प्रति जागरूकता का दिया संदेश

रामानुजनगर/सूरजपुर। बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने, बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने और समाज में उनके सम्मान का संदेश देने के उद्देश्य से शासकीय प्राथमिक शाला त्रिपुरेश्वरपुर, विकासखंड रामानुजनगर, जिला सूरजपुर में न्योता भोज एवं कन्या भोज का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से बालिकाओं के सम्मान, शिक्षा के महत्व और उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण का प्रेरणादायक संदेश दिया गया।

 

कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं को स्नेहपूर्वक भोजन कराया गया। भोजन के पश्चात उपस्थित सभी बालिकाओं को कॉपी, पेन, शार्पनर एवं कटर वितरित कर उन्हें पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित किया गया। इस पहल से बालिकाओं में शिक्षा के प्रति उत्साह बढ़ाने और विद्यालय में नियमित उपस्थिति के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया गया।

कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने बालिका शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बेटियों को शिक्षा के समान अवसर प्रदान करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। शिक्षित बेटियां न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे समाज और देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने अभिभावकों एवं समाज के लोगों से बेटियों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने तथा उनकी शिक्षा में हरसंभव सहयोग करने की अपील की।

इनकी रही प्रमुख उपस्थिति

कार्यक्रम में सरपंच श्री सुकुल राम, साक्षर भारत के परियोजना अधिकारी श्री रविनाथ तिवारी, बीआरसीसी श्री विजय साहू, स्पेशल एजुकेटर सुश्री नीलम पटेल, श्रीमती सलोमी बखला, श्री दिनेश दुबे, श्री आकाश तिवारी, श्री नवीन कुमार, श्रीमती सुषमा साहू, श्रीमती फूलमती एवं श्रीमती बतूल बेगम सहित विद्यालय के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

बेटियों की शिक्षा, समाज की प्रगति

त्रिपुरेश्वरपुर स्कूल में आयोजित यह कार्यक्रम बालिकाओं के प्रति सम्मान और शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक सराहनीय पहल रही। कार्यक्रम के माध्यम से समाज को संदेश दिया गया कि बेटियों को शिक्षा, सम्मान और समान अवसर देकर ही एक सशक्त, जागरूक एवं प्रगतिशील समाज का निर्माण किया जा सकता है।

anil sahu
Author: anil sahu

सबसे ज्यादा पड़ गई