
सूरजपुर में रेडक्रॉस को मिलेगी नई पहचान, तीन अधिकारियों को मिली जिम्मेदारी

शोमनाथ चौबे जिला रेडक्रॉस अधिकारी नियुक्त, अंतरराष्ट्रीय रेफरी गौस बेग और सुरविंद गुर्जर बने सहायक अधिकारी
सूरजपुर। मुसीबत में फंसे किसी व्यक्ति को समय पर मदद मिल जाए, जरूरतमंद को रक्त के लिए भटकना न पड़े और आपदा की घड़ी में पीड़ित परिवारों को सहारा मिल सके, यही रेडक्रॉस की सेवा भावना का मूल उद्देश्य है। इसी सोच के साथ सूरजपुर जिले में भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी की गतिविधियों को मजबूत बनाने की पहल की गई है। छत्तीसगढ़ राज्य शाखा, रायपुर ने जिला इकाई के कामकाज को व्यवस्थित करने के लिए तीन अधिकारियों की नियुक्ति की है।
राज्य शाखा द्वारा जारी आदेश क्रमांक क./रेसो/स्था./2026/2035 के अनुपालन में कलेक्टर एवं जिला शाखा से प्राप्त प्रस्ताव तथा चेयरमैन बाबूलाल अग्रवाल की अनुशंसा के आधार पर यह नियुक्तियां की गई हैं। इससे जिले में स्वास्थ्य जागरूकता, रक्तदान, प्राथमिक उपचार और जरूरतमंदों की सहायता से जुड़े सेवा कार्यों को बेहतर तरीके से आगे बढ़ाने की उम्मीद है।
शोमनाथ चौबे को सौंपी गई मुख्य जिम्मेदारी
आदेश के अनुसार, माध्यमिक शाला नरैशपुर, विकासखंड प्रतापपुर में पदस्थ वरिष्ठ शिक्षक शोमनाथ चौबे को जिला रेडक्रॉस अधिकारी बनाया गया है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय वॉलीबॉल रेफरी, पूर्व खेल अधिकारी एवं छत्तीसगढ़ शासन के वीर हनुमान सिंह पुरस्कार से सम्मानित पीटीआई शिक्षक मो. गौस बेग को सहायक जिला रेडक्रॉस अधिकारी नियुक्त किया गया है। वे शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कंदरई में पदस्थ हैं। इसके अलावा हाई स्कूल लांजी, विकासखंड सूरजपुर के शिक्षक सुरविंद कुमार गुर्जर को भी सहायक अधिकारी का दायित्व सौंपा गया है।
तीनों अधिकारियों को अपने मौजूदा शासकीय कार्यों के साथ रेडक्रॉस की जिम्मेदारियां भी निभानी होंगी। आदेश में जिला कलेक्टर रेडक्रॉस कार्यालय में प्रतिदिन उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे संगठन के कामकाज में नियमितता और बेहतर समन्वय बना रहे।
सेवा कार्यों को गांवों तक पहुंचाने की जरूरत
रेडक्रॉस का नाम आते ही संकट में मदद, रक्तदान और मानवता की सेवा का भाव सामने आता है। कई बार किसी परिवार के लिए समय पर मिली सहायता बड़ी राहत बन जाती है। ऐसे में जिला स्तर पर व्यवस्था मजबूत होने से जरूरतमंदों को लाभ मिलने की संभावनाएं बढ़ेंगी।
नई नियुक्तियों से प्रशासनिक कामकाज को गति देने के साथ स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता, आपातकालीन सहायता और सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रमों को बेहतर ढंग से संचालित करने में मदद मिल सकती है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों तक इन सेवाओं की जानकारी पहुंचाना और जरूरत के समय सहायता उपलब्ध कराना अहम रहेगा।
जिम्मेदारी के साथ बढ़ेंगी लोगों की उम्मीदें
राज्य शाखा का यह निर्णय सूरजपुर में रेडक्रॉस की जिला इकाई को सक्रिय बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। अब नियुक्त अधिकारियों के सामने अपने नियमित दायित्वों के साथ सेवा गतिविधियों को धरातल पर प्रभावी बनाने की जिम्मेदारी होगी।
किसी भी संस्था की पहचान उसके आदेशों से नहीं, बल्कि जरूरतमंदों तक पहुंचने वाली मदद से बनती है। ऐसे में जिलेवासियों को उम्मीद है कि नई व्यवस्था रक्तदान, स्वास्थ्य सेवा और जनकल्याण के कार्यों को नई दिशा देगी तथा जरूरत के समय सहायता की आस लगाए बैठे लोगों को राहत मिल सकेगी।




