
CG आजतक न्यूज़
ब्यूरो अंबिकापुर सरगुजा
सूरजपुर जिले के प्रेमनगर अंतर्गत ग्राम पंचायत वृन्दावन मे सरपंच पति के द्वारा पंचायत के विकास कार्यों मे हस्तक्षेप से व्यवधान उतपन्न होता जा रहा है
जबकि पंचायत की सरपंच श्रीमती रेखा सिंह है किन्तु समस्त ग्रामसभा आमसभा व आवश्यक बैठक सरपंचपति द्वारा संचालित किया जा रहा है, यहाँ पर जनता के द्वारा चुना हुआ सरपंच के गरिमा के विरूद्ध कार्य करना दुर्भाग्य जनक है, ग्रामीणों ने बताया की पत्नी सरपंच हैँ किन्तु उन्हें यह पता नहीं है
की पंचायत मे कितने ए पी एल बी पी एल व कितने समान्य कार्ड धारी है, पंचायत मे कितने कार्यों की स्वीकृति हुई और कितना कार्य प्रारम्भ किया गया है
कितना कार्य शेष है, विधायक मद से कितने कार्य स्वीकृत किये और कितने हेड पम्प, वहीं सासद मद मे कितने हैंड पम्प कहा खोदा गया, मुलभुत राशि से जनहित के किस किस कार्यों मे कितना खर्च किया गया,
पंद्रहवा वृत्त योजना के द्वारा कितना राशि का आवटन किया और उस राशि को कहा कहा खर्च किया गया उन्हें इस बारे मे कोई भी जानकारी नहीं है, इसी तरह पेंशन की राशि एक महीने का कितना भुकतान करना है
कितने प्रकार के विभिन्न पेंशन धारी हैँ , इस प्रकार से सरपंच को मात्र मूर्ति बतौर स्टाम्प रबर की तरह उपयोग किया जा रहा है ,
ग्रामीणों ने विरोध करते हुए बताया की सहायक शिक्षक वर्ग 03 होते हुए शासकीय कार्यों मे दखल देना इनकी दिनचर्या मे आ चूका है जबकि कई बार पंच उपसरपंच ने इस संबंध मे खुलकर विरोध किया
किन्तु सरपंच पति जो एक शिक्षक अपने आप को अपनी पकड़ मजबूत बताते हुए बड़े नेताओ का नाम लेकर पंचायत के पदाधिकारीयों को धमकी देते हुए पंचायत के कार्यों को ठेकेदारी प्रथा मे भी कमीशन लेकर कराया है जिसका उदाहरण आपके सामने है
रीपा ओधोगिक केंद्र के निर्माण मे पंचायत से बाहर के व्यक्ति से कार्य कराया गया जिसे 15 लाख रूपये का अतिरिक्त चेक दें दिया जिससे ठेकेदार पैसा आहरण कर फरार हो गया और रीपा का कार्य आज भी पैसा के कारण अधूरा है,
वहीं अब उसी रीपा मद के कार्यों को नमना के एक दबँग ठेकेदार को कमीशन मे देकर कराया जा रहा है जो पंचायत के पंचो ने इसका विरोध भी किया लेकिन सरपंच पति जो गुरूजी है इनके दहसत से लोग खुलकर विरोध करने से परहेज कर रहे
किन्तु यह सब जानकारी जनपद के आला अधिकारियों को होने के बाद भी सरपंच पति को किसी तरह का नोटिस नहीं किये जाने के कारण सरपंच पति मनमानी तरीके से चेक बुक सहित विभिन्न आहरण खुद कर रहे, है, बताया जाता है
की सभी कार्यों को कमीशन लेकर ठेकेदारो से कार्य कराया जा रहा है,
ज़ब ठेकेदार द्वारा दस प्रतिशत कमीशन देकर कार्य कराया जा रहा है तो समझा जा सकता है की कार्यों की गुणवत्ता कितना अच्छा और बेहतर होगा,
आगे भी देखिए उचित मूल्य दूकान खुद अपने पास रखकर संचालित कर रहा है परन्तु कई ऐसे हितग्राही है जिन्हे चावल मिलता है चना शक़्कर नहीं आने का बहाना बनाकर टाल मौटोल कीय जाता है
, जिसकी जांच करना आवश्यक है जांच बाद दूध और पानी की स्तिथी पता चल जाएगा ,, पंचायत के कार्यों मे शुरू से ही अन्य दबँग ठेकेदारो से ही कराया गया है हाल फिलहाल विधायक मद और पंद्रहवा वित्त योजना की सड़क मार्ग पानी की तराई बिना उखड़ना शुरू हो गया है यह सब जांच का बिषय है
जिससे यह स्पष्ट हो जाएगा की पंचायत निधि, खाद्यसमाग्री, रीपा, हैंड पम्प, पेंशन जैसे महत्त्वपूर्ण कार्यों को कमीशन लेकर धूमिल किया जा रहा है
जिससे सरपंच श्रीमती रेखा सिंह इस संबंध मे कुछ भी कहने से डर रहीं है की पतिदेव मुझे प्रताडित करेंगे,
ग्रामीणों ने पंचायत के कार्यों मे सरपंच के होते हुए कार्य को मनमानी कराना क्या उचित है जांच और कार्यवाही की मांग किया है ल





