

भरत लाल गुप्ता
उदयपुर। ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्रों में जनसेवा, सामाजिक उत्थान और सतत विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रही ग्रामीण युवा जन कल्याण समिति, उदयपुर (सरगुजा) को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि प्राप्त हुई है। संस्था को उसके उत्कृष्ट सेवा कार्यों के लिए 31 मई 2026 को इंदौर में आयोजित “इम्पैक्ट इंडिया सम्मिट 2026” में सम्मानित किए जाने हेतु चयनित किया गया है। यह सम्मान संस्था के साथ-साथ पूरे सरगुजा अंचल के लिए गर्व का विषय है।
समिति विगत वर्षों से शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, महिला एवं बाल विकास, युवा सशक्तिकरण, गौ संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण तथा ग्रामीण आजीविका संवर्धन जैसे क्षेत्रों में निरंतर कार्य कर रही है। जनकल्याण एवं समाज सेवा के प्रति संस्था की प्रतिबद्धता और धरातल पर किए गए प्रभावी कार्यों के परिणामस्वरूप यह राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त होने जा रहा है।
ग्रामीण युवा जन कल्याण समिति का मुख्यालय उदयपुर, जिला सरगुजा (छत्तीसगढ़) में स्थित है। संस्था का पंजीकरण 21 दिसंबर 2012 को फर्म्स एवं सोसाइटी पंजीयक कार्यालय, बिलासपुर में सोसाइटी पंजीकरण अधिनियम के अंतर्गत पंजीयन क्रमांक 17670 के साथ किया गया था। स्थापना से ही संस्था ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्रों के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक विकास के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही है।
संस्था ने जनभागीदारी आधारित विकास मॉडल को अपनाते हुए समाज के कमजोर, वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए अनेक पहल की हैं। स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, महिला एवं बाल विकास, कौशल विकास एवं स्वरोजगार जैसे क्षेत्रों में किए गए कार्यों से हजारों ग्रामीण लाभान्वित हुए हैं।

स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत उदयपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत पनगोती, रिखी एवं केशगवां में संस्था द्वारा व्यापक जनजागरूकता अभियान, स्वच्छता रैली, श्रमदान एवं व्यवहार परिवर्तन कार्यक्रम संचालित किए गए। इन प्रयासों से इन ग्रामों को स्वच्छ गांव के रूप में विकसित करने में उल्लेखनीय सफलता मिली। उत्कृष्ट कार्यों के लिए संस्था को नेहरू युवा केंद्र संगठन, अंबिकापुर द्वारा वर्ष 2019 एवं 2020 में लगातार दो वर्षों तक जिला स्तरीय प्रथम पुरस्कार तथा वर्ष 2021 में जिला युवा मंडल पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
वन आधारित आजीविका संवर्धन के क्षेत्र में संस्था ने उदयपुर विकासखंड के 10 गांवों में विशेष कार्यक्रम संचालित कर लगभग 100 महिलाओं को लघु वनोपज संग्रहण, प्रसंस्करण, पैकेजिंग एवं विपणन से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाया है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़े हैं तथा पलायन की समस्या में कमी आई है।
संस्था सरगुजा की लोक संस्कृति, पारंपरिक ज्ञान एवं जैव विविधता के संरक्षण के लिए भी सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। पर्यावरण संरक्षण हेतु वृक्षारोपण, जल संरक्षण एवं प्लास्टिक मुक्त अभियान नियमित रूप से संचालित किए जाते हैं। इसके साथ ही बाल अधिकार संरक्षण, महिला सशक्तिकरण एवं युवा नेतृत्व विकास के लिए विभिन्न प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
भविष्य की कार्ययोजना के अंतर्गत संस्था ने सरगुजा जिले में 1000 किसानों को संगठित कर किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) के गठन का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस पहल के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, जैविक खेती, कृषि प्रसंस्करण, भंडारण एवं विपणन सुविधाओं से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।

संस्था का संकल्प है कि आने वाले वर्षों में ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण, युवा नेतृत्व निर्माण, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा किसानों की आर्थिक उन्नति के लिए और अधिक प्रभावी एवं व्यापक स्तर पर कार्य किया जाए।
संस्था के कार्यों को सफलतापूर्वक धरातल पर उतारने में अध्यक्ष तपेसिया सिरदार, सचिव कन्हाई राम बंजारा, कोषाध्यक्ष भरतलाल गुप्ता, सदस्य मनोहर प्रजापति, बीरबल राम, पारस राम मझवार, इनिता यादव, सहोद्री पावले, श्यामकुंवर, संतोष जायसवाल एवं उदरपाल राजवाड़े का योगदान सराहनीय रहा है।
Author: anil sahu
जिला प्रतिनिधि सूरजपुर





