उप सरपंच संघ की मासिक बैठक में गूंजे पंचायतों के मुद्दे, 59 उप सरपंचों ने उठाई मांगें

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भरत लाल गुप्ता 

पंचायतों में पर्याप्त राशि नहीं मिलने से विकास कार्य प्रभावित, उप सरपंचों ने मांगा ₹5 हजार मासिक मानदेय

उदयपुर। विकासखंड उदयपुर के स्थानीय सर्किट हाउस में उप सरपंच संघ उदयपुर की मासिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में विकासखंड की 59 ग्राम पंचायतों के उप सरपंचों ने उपस्थित होकर पंचायतों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर गहन चर्चा एवं विचार-विमर्श किया। इस दौरान पंचायतों में पर्याप्त राशि उपलब्ध नहीं होने, उप सरपंचों के मानदेय, पीडीएस व्यवस्था में तकनीकी समस्याओं एवं खाद्यान्न की कमी तथा अधिकारी-कर्मचारियों की कथित मनमानी सहित कई विषयों को प्रमुखता से उठाया गया।

बैठक की शुरुआत संघ अध्यक्ष संतोष जायसवाल द्वारा सभी उपस्थित सदस्यों के स्वागत के साथ हुई। उन्होंने संगठन की आगामी रणनीति एवं गतिविधियों पर चर्चा करते हुए कहा कि उप सरपंच संघ को मजबूत करते हुए न केवल विकासखंड बल्कि संभाग स्तर पर उप सरपंचों के मान-सम्मान, अधिकार एवं हितों की रक्षा के लिए एकजुट होकर कार्य करने की आवश्यकता है।

पंचायतों में पर्याप्त राशि उपलब्ध कराने की मांग

संघ के उपाध्यक्ष चंद्र बसु यादव ने ग्राम पंचायतों में पर्याप्त धनराशि उपलब्ध नहीं होने के कारण विकास एवं निर्माण कार्य प्रभावित होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने शासन से मांग की कि पंचायतों को पर्याप्त राशि उपलब्ध कराई जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में आवश्यक निर्माण एवं विकास कार्य समय पर पूरे किए जा सकें।

अधिकारी-कर्मचारियों की मनमानी पर जताई नाराजगी

संघ के सचिव खेलावन निषाद ने पंचायत एवं ब्लॉक स्तर पर अधिकारी-कर्मचारियों की कथित मनमानी और लापरवाही का मुद्दा उठाते हुए शासन का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि अधिकारी-कर्मचारियों को जनता के साथ मैत्रीपूर्ण एवं संवेदनशील व्यवहार करना चाहिए। पद का दुरुपयोग या आम जनता के साथ दुर्व्यवहार शासन की छवि को प्रभावित करता है। ऐसे मामलों पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की आवश्यकता है।

पीडीएस व्यवस्था में तकनीकी समस्या और राशन की कमी का मुद्दा

सदस्य मुन्ना सिंह ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में आए दिन सामने आने वाली तकनीकी समस्याओं तथा राशन सामग्री की कमी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण उपभोक्ताओं को खाद्यान्न प्राप्त करने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। संघ ने शासन से पीडीएस व्यवस्था में स्थायी समाधान किए जाने तथा प्रत्येक माह पात्र हितग्राहियों को निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न उपलब्ध कराने की मांग की।

उप सरपंचों का मानदेय ₹5 हजार करने की मांग

सदस्य उमाशंकर यादव ने उप सरपंचों को दिए जाने वाले वर्तमान मानदेय पर निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि उप सरपंच ग्राम पंचायत में सरपंच और पंचों के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करते हैं। उन्होंने प्रदेश के सभी उप सरपंचों के लिए कम से कम ₹5,000 प्रतिमाह मानदेय निर्धारित करने की मांग राज्य शासन से किए जाने की बात कही।

संगठन विस्तार और सदस्यता शुल्क पर भी निर्णय

बैठक में संगठन को मजबूत बनाने के लिए मासिक सदस्यता शुल्क निर्धारित करने का निर्णय लिया गया। साथ ही संभाग के अन्य विकासखंडों में भी सक्रिय एवं जागरूक उप सरपंचों को संगठन से जोड़कर संघ का विस्तार करने का आह्वान किया गया। उपस्थित सदस्यों ने पंचायतों के माध्यम से आम जनता के जनहित से जुड़े कार्यों को पूरी ईमानदारी और प्रमाणिकता के साथ करने का संकल्प लिया।

बैठक में संतोष जायसवाल, खेलावन निषाद, रामजतन यादव, दिनेश कुमार, अर्जुन सिंह, प्रमोद कुमार, परसराम, देवनारायण, बबलू जायसवाल, देवचंद, सदन सिंह, रमेश यादव, हुकुम सिंह, चंद्र बसु यादव, भरत लाल गुप्ता, प्रमोद सिंह, मुन्ना सिंह, दीनदयाल, पारस राम, ठाकुर सिंह, उमाशंकर यादव, दूधनाथ यादव, सुकृति, स्थानपति, हीरा सिंह, अनिल लाल सहित बड़ी संख्या में उप सरपंच उपस्थित रहे।

anil sahu
Author: anil sahu

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