नगर पंचायत में शामिल करने के प्रस्ताव का डुमरडीह में जोरदार विरोध, ग्राम सभा ने सर्वसम्मति से कहा—‘गांव को ग्राम पंचायत में ही रहने दें’

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भरत लाल गुप्ता 

उदयपुर। ग्राम डुमरडीह को नगर पंचायत में शामिल किए जाने की प्रस्तावित प्रक्रिया को लेकर ग्रामीणों में भारी विरोध देखने को मिला। कलेक्टर सरगुजा के निर्देशानुसार ग्राम डुमरडीह में विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने शामिल होकर नगर पंचायत में शामिल किए जाने के प्रस्ताव पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई।

ग्राम सभा की अध्यक्षता श्रीमती सनकुंवर ने की। अध्यक्ष की अनुमति एवं ग्रामीणों की सहमति से कोरम पूर्ण होने के बाद विशेष ग्राम सभा की कार्यवाही प्रारंभ हुई। बैठक में गांव के सियान, गवटिया, पटेल सहित ग्रामीणों को नगर पंचायत में शामिल किए जाने के संबंध में अपनी राय रखने का अवसर दिया गया।

इस दौरान हीरा साय वरकड़े, मस्त राम कमरो, ननकु पंडो, संजीव पंडो, आलम साय, जयकरन पोर्ते, छतर सिंह, कौशल्या पंडो, मानमती पंडो, मीना पंडो, अंजुला सिंह, बिंदु सिंह सहित अन्य ग्रामीणों ने अपनी बात रखते हुए कहा कि ग्राम डुमरडीह के लोगों ने नगर पंचायत में शामिल होने की मांग नहीं की है, ऐसे में गांव को नगर पंचायत में शामिल करने की प्रक्रिया उचित नहीं है।

ग्रामीणों ने कहा कि डुमरडीह आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है और पांचवीं अनुसूची एवं पेसा क्षेत्र के अंतर्गत आने के कारण ग्राम सभा को विशेष अधिकार प्राप्त हैं। नगर पंचायत बनने से ग्राम सभा के अधिकारों, सामाजिक रीति-रिवाजों, सांस्कृतिक परंपराओं और रूढ़िगत व्यवस्थाओं पर प्रभाव पड़ने की आशंका है।

ग्रामीणों का कहना था कि गांव अभी शहरीकरण के लिए पर्याप्त रूप से विकसित नहीं हुआ है। आज भी बड़ी संख्या में परिवार कृषि तथा जल, जंगल और जमीन पर निर्भर हैं। कई परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हैं और नगर पंचायत बनने के बाद जलकर, प्रकाश कर, स्वच्छता कर सहित अन्य करों का अतिरिक्त आर्थिक बोझ ग्रामीणों पर पड़ सकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि छोटे-छोटे कार्यों के लिए अनुमति और अतिरिक्त प्रक्रियाओं का सामना करना पड़ सकता है। नगर पंचायत बनने से मजदूरी एवं अन्य कार्यों की लागत बढ़ने की आशंका भी ग्रामीणों ने जताई। उनका कहना था कि इसका सीधा असर गरीब, आदिवासी एवं पिछड़े वर्ग के परिवारों पर पड़ेगा।

 

किसी ने नहीं दी नगर पंचायत के पक्ष में सहमति

विशेष ग्राम सभा के अंत में ग्रामीणों से नगर पंचायत में शामिल किए जाने के प्रस्ताव के पक्ष और विपक्ष में सामूहिक रूप से राय ली गई। ग्राम सभा में नगर पंचायत में शामिल किए जाने के पक्ष में एक भी सहमति प्राप्त नहीं हुई, जबकि सभी उपस्थित ग्रामीणों ने गांव को नगर पंचायत में शामिल नहीं करने के पक्ष में अपनी सहमति व्यक्त की।

इसके बाद ग्राम सभा ने सामूहिक निर्णय लेते हुए ग्राम पंचायत सोनतराई के आश्रित ग्राम डुमरडीह को यथावत ग्राम पंचायत में ही रखे जाने संबंधी ग्राम सभा प्रतिवेदन पारित किया।

ग्राम सभा में नोडल अधिकारी बैजमीन तिर्की, सचिव राजकुमार सिंह, ग्राम सभा अध्यक्ष सनकुंवर, सरपंच अनिता सिंह, उपसरपंच अमन कुमार, वार्ड पंच नारद बाई, उमेद सिंह, शामपति, कदमकुंवर, विरसपति, जीतन राम, मीना बाई, बीडीसी चंद्रमा सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

anil sahu
Author: anil sahu

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