

अनिल साहू
सूरजपुर । रामानुजनगर विकासखंड के अगस्तपुर गांव में ओएनजीसी की सीएसआर पहल संकुल आधारित ग्राम विकास के अंतर्गत्त किसानों ने तरबूज की बम्पर फसल का उत्पादन किया है। फ्लायन नियंत्रण के उद्देश्य से विभिन्न आजीविका गतिविधियों से किसानों को जोड़ने का इस कार्यक्रम का क्रियान्वयन आईएसडीजी रिसर्च फाउंडेशन द्वारा किया जा रहा है। पांच गांव परशुरामपुर, अगस्तपुर, सेंदुरी, जगरनाथपुर और राजापुर में यह कार्यक्रम चल रहा है।
कार्यक्रम की शुरुआत से ही किसानी को आधुनिक कृषि तकनीको और संसाधनों के प्रयोग
किसानों द्वारा उत्पादित तरबूज फसल
का प्रशिक्षण दिया गया था। इसमें जल संरक्षण, उर्वरक प्रबंधन और नवीनतम कीट प्रबंधन तकनीके शामिल हैं। इस साल उगाए गए तरबूज ने न केवल आकार और स्वाद में बल्कि आमदनी में भी बुलन्दियों को छुआ है। किसानों ने पहली तुड़ाई में 15 किंटल तरबूज
तोड़े हैं। अगस्तपुर के किसान कलिंदर राजवाड़े और राकेश राजवाड़े ने अपने तरबूज की उपज को स्थानीय बाजारों में ही नहीं, बल्कि पास के शहरों में भी बेचकर अच्छी आमदनी कमाई है जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है। परशुरामपुर गांव के शक्ल सिंह, राजापुर गांव के अमर सिंह सहित अन्य किसान भी औसतन 15 क्लिंटल तरबूज बेच चुके हैं।
Author: anil sahu
जिला प्रतिनिधि सूरजपुर




