बीडीसी उपचुनाव हार्ड शीट परशुरामपुर क्रमांक 16 मे दो प्रत्यासी कांटे की टककर .

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सूरजपुर जिले के रामानुजनगर मे जनपद सदस्य का उप चुनाव दो महिला प्रत्यासियों के बीच कांटे की टककर देखा जा रहा है,

आपको यह बता दूँ की यह जनपद क्षेत्र क्रमांक 16. परशुरामपुर सेंदुरी अक्षयपुर है,

परशुरामपुर मे मतदाताओ की संख्या दो हजार दो सौ से जादा है किन्तु यहां से एक भी महिला अपनी दावेदारी नही की है

, जबकि इसके पूर्व मे जनपद सदस्य रही स्व जानकी सिंह परशुरामपुर की थीं,

चुकी उनकी आकास्मिक मृत्यु उपरान्त गांव मे शोक का माहौल अभी भी है,

इसी वजह से यहां से क़ोई भी महिला अपनी दावेदारी पेश नही कर सके,

ज्ञात हो की यह सीट विकासखंड का बहुत ही संवेदनशील माना जाता है,

कियुकी इसी सीट पर जनपद अध्यक्ष जैसे पदों पर विराज मान रह चुके धर्म सिंह सरुता, इसलिए लिए यह सीट बहुत ही संवेंशील संघर्षशील मानी जाती है,

बाहरहाल इस चुनाव मैदान मे अक्षय पुर से पूर्व रह चुके जनपद सदस्य सभा पति परमेश्वर सिंह ओरकेरा की भाभी श्रीमति जानकी सिंह जो काफी पढ़ी लिखी और शिक्षित परिवार से है जो पूर्व मे एक दशक से सरपंच पद पर जनता की सेवा करने का काफी अनुभवी और जानकार है

, इनके ससुर मोहन सिंह सेवानिवृत प्रधान पाठक रह चुके वहीं वर्तमान मे पति रामकुमार सिंह वर्तमान सरपंच के पद पर आसीन है, आपको यह बताना आवश्यक है की अक्षय पुर व परशुराम पुर मे इनका अच्छी पकड़ बताई जा रही है,

वहीं सेंदुरी पंचायत मे भी आधे से जादा पर इस बार समर्थन मिलने का दावा किया है

, वहीं ग्राम सेंदुरी से श्रीमती सुहानी सिंह भी अपनी जीत का दावा करते हुए मैदान मे कूद पड़ी है, जो भाजपा समर्थिंत उम्मीदवार के रूप मे है,

यह बताना आवश्यक है की सुहानी सिंह भी पंचायत मे दो बार पंच बनकर अपने वार्डो मे बेहतर और कई विकास काम कर चुकी है

, अब दोनों ही प्रत्यासियों को चुनाव चिन्ह का आवटन मिल गया है जिसमे  प्रथम श्रीमती जानकी सिंह को ब्लैक बोर्ड का छाप मिला है,

तथा श्रीमती सुहानी सिंह को बरगद का पेड़ छाप मिला है,

चुनाव चिन्ह मिलते ही दोनों ही प्रत्यासियों के समर्थकों एवं प्रत्यासियों के धडकने बढ़ने लगी है,

अपने अपने वरचस्प के लिए एड़ी छोटी एक कर चुके लगातार दोनों ही प्रत्यासी इस तपती धुप मे घर घर पहुँचकर अपने पक्ष मे मतदान करने की अपील कर रहे है,

एक तरफ तापमान और गर्मी का पारा तो दूसरी तरफ चुनावी सरगर्मी का पारा सातवें आसमान मे चढ़ता जा रहा है

, दोनों ही प्रत्यासी जी जान लगाकर लोगों से मिल रहे है,, और जितने का दावा भी करते नही थक रहे, किन्तु जीत इतनी आसान नही है

, जीत के लिए निर्णायक पंचायत परशुरामपुर ही है जो दोनों ही प्रत्यासी के लिए बड़ी चुनौती से कम नही है,

परशुरामपुर मे दो हजार मतदाता मे कौन किसे वोट करेगा यह तो समझ से परे है लेकिन यहां पर हरिजन, पंडो,

और मुस्लिम वोट ही निर्णायक रोल अदा करते आई है इनका जिसे आशीर्वाद मिला उसका विजय जुलुस निकलना तय है,

यह तो जनता ही तय करेगा की वोट किसको जाएगा, बहरहाल यह चुनाव कांटे की मुकाबला माना जा रहा है

, लेकिन मानव मंदिर से आशीर्वाद मिलना भी आसान नही है

, आपको बता दूँ की जो प्रत्यासी अपने आप को पूरी तरीके से समर्पित और परिवार की भाँती स्वीकार करेगा जीत उसकी सुनिश्चित है,

अब एक जून को मतदान होगा और फिर देर शाम तक आकलन से स्पष्ट हो जाएगा की किसके सर पर ताज़ और गले मे महामाला से विजय जुलुस निकाला जायेगा l

Aashiq khan
Author: Aashiq khan