
CG आजतक न्यूज़
ब्यूरो अंबिकापुर सरगुजा
वर्ष 1977 से भारतीय संसद द्वारा प्रत्येक 1000 की जनसंख्या पर एक जन स्वास्थ्य रक्षों की नियुक्ति कम्युनिटी हेल्थ वालंटियर के रूप में स्वास्थ्य रक्षक के रूप में नियुक्त किए गए!
जन स्वास्थ्य रक्षों की संभागीय बैठक विकासखंड लखनपुर के कुंवरपुर जलाशय में वर्चुअल मीटिंग के माध्यम से संपन्न हुईl
उक्त संदर्भ में ज्ञातव्य हो कि वर्ष 1977 में गरीब ग्रामीण बेसहारा लोगों के लिए लाया गया अपने तरह का एक विशेष कार्य योजना प्रारंभ की गई थी
, इसे विलेज हेल्थ गाइड के रूप में वर्ष 1977 में स्वर्गीय राज नारायण सिंह केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री द्वारा भारत के सभी राज्यों में ग्राम पंचायत स्तर पर प्रति 1000 की जनसंख्या पर एक प्रशिक्षित जन स्वास्थ्य रक्षों की नियुक्ति की गई थी
! जिन्हें छोटी-मोटी बीमारियों का इलाज कर रोग आने से पूर्व उसे रोकथाम करने की एक अहम जिम्मेदारी दी गई थी!
आपको बता दें कि पूरे भारत में 87500 जन स्वास्थ्य रक्षों की नियुक्ति कम्युनिटी हेल्थ वालंटियर के रूप में स्वास्थ्य सेवाओं की बुनियादी सेवा को आम आदमी तक पहुंचाने की उद्देश्य से नियुक्त की गई थी ल
योजना में नियुक्त गरीब बेसहारा जन स्वास्थ्य रक्षक को में जहां एक और काफी प्रसन्नता थी वही उसे क्या मालूम कि आने वाले दिन में सरकार गिरगिट की तरह इस योजना को समूल नष्ट कर देगीl
वही विभिन्न राष्ट्रीय कार्यक्रमों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका सक्रिय रूप से 24 घंटे जनता की प्राथमिक उपचार कर अपने जीव कोपार्जन कर रहे थेl
जिनका काम ग्रामीण क्षेत्रों में फर्स्ट एड दवाइयां देना पहुंच विहीन क्षेत्र में सजीवन बूटी की तरह उनकी भूमिका आम ग्रामीण मरीजों को प्राप्त हो रही थी!
जो की सेंट्रल गवर्नमेंट में 2002 तक यह योजना भली भांति पूरे देश में सफल रूप से क्रियान्वयन हो रहा था !
वर्ष 2002 से 2019 तक राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम में उनकी सेवाएं लिया गया!
जैसे – पल्स पोलियो अंधत्व निवारण ,टीकाकरण हेपेटाइटिस टीकाकरण इत्यादि !को स्वैच्छिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता के रूप में कार्य कराया गया
रोगग्रस्त व्यक्ति को सीएससी तक पहुंचाना उसे फर्स्ट एड देना जैसे बुखार सर्दी जुकाम मलेरिया संक्रामक रोग इत्यादि का प्रशिक्षण दिया गया साथ ही औषधि किट विभिन्न रोगों के प्राथमिक उपचार दवाइयां प्रदान की गई! जिसमें तोल मशीन, बैग ,औषधि किट स्वास्थ्य रक्षक मैन्युअल आदि प्रदान की गई थी !2002 तक इस योजना को लेट आप फंड दिखाकर विडाल कर दिया गया दिया! सभी जन स्वास्थ्य रक्षक बेरोजगार बना दिए गए बेरोजगारी को दूर करने का दायित्व भी सरकार की होती है
इस परिस्थिति में इन्हें झोलाछाप डॉक्टर सरकार ने बना दिया
फिर यही सरकार झोलाछाप डॉक्टर या मेडिकल काउंसिल बोर्ड अधिनियम का हवाला देकर बेवजह करवाई युवा परेशान भी करती रहती है!
जबकि जन स्वास्थ्य रक्षों द्वारा पहुंच विहीन वनांचल क्षेत्र में रात के 12:00 बजे डायरिया मलेरिया जैसी प्राण घातक बीमारियों का उपचार हेतु यही प्रशिक्षित स्वास्थ्य रक्षक मरीज की जान बचाते हैं!
उस समय कोई सरकारी कर्मचारी तो लोगों को आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं तो नहीं देती? जिसके Aewaj में सरकार इन्हें कोई गोल्ड मेडल तो नहीं देती और ना ही वेतन बल्कि आए दिन बीएमओ , एसडीएम, तहसीलदार द्वारा कानून की आड़ में अपनी जेब गर्म करने के लिए आए दिन बेवजह परेशान करते हैं!
1 अप्रैल 2002 को सेवा से पृथक किया गया 23 सितंबर 2002 को मुकदमा दायर किया गया हाई कोर्ट सुप्रीम कोर्ट जाया गया फैसला आया कि सरकार इन्हें सेवा में शामिल करें विडंबना देखिए भारत सरकार की इन्होंने ₹50 की मानदेय पर कार्य कराया फिर इन्हें सेवा से पृथक कर दिया यह है
दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र कहे जाने वाला भारत की स्वास्थ्य संबंधी जमीनी हकीकत इस संदर्भ में जन स्वास्थ्य रक्षों का कहना है कि हम मजबूरी नहीं हम जरूरी हैं
क्योंकि मात्र ₹50 की मानदेय राशि पर हमने पूरे जीवन व्यतीत किया छोटी-मोटी बीमारियों का उपचार हमने किया
आपने प्रशिक्षित किया फिर ऐसी कौन सी आफत आन पड़ी कि आप इन्हें सेवा से पृथक किया?
जबकि पंचायत स्तर पर शिक्षाकर्मी पंचायत सचिव जन स्वास्थ्य रक्षक की नियुक्ति एक साथ सभी राज्यों में किया गया फिर जन स्वास्थ्य रक्षों की ही नियुक्ति यथावत क्यों नहीं रखी गई
जिससे आज तकरीबन 50 वर्ष हो गए क्रमशः जन स्वास्थ्य रक्षक लोगों को अपने मूल उद्देश्यों की पूर्ति के लिए नियमित सेवाएं पुनः बहाली किए जाने के संदर्भ में मांग किया जाता रहा है इस संदर्भ में वर्चुअल मीटिंग के माध्यम से अनेक राज्य के जन स्वास्थ्य क्षकों ने पुरजोर तरीके से मुख्यमंत्री विष्णु देव सा य एवं स्वास्थ्य मंत्री राम बिहारी जायसवाल माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी श्री राजनाथ सिंह से निवेदन किया है
कि आगामी लोकसभा चुनाव के बाद संसद में बने कानून जो की जन स्वास्थ्य रक्षक के रूप में आज भी सेवारत हैं उन्हें उसी रूप अथवा परिवर्तित रूप में पुनः बहाली करते हुए एक ऐतिहासिक मांग जो जनहित में जन स्वास्थ्य रक्षों द्वारा मांग किया जाता रहा है
भारत सरकार से पुनः आग्रह किया गया कि वे इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम में शामिल कर पहुंच विहीन क्षेत्र में पूर्व की भांति वर्तमान समय में स्वास्थ्य सेवाएं आम लोगों को उपलब्ध कराया जाए इन्हीं मांगों के मध्य नजर आगामी लोकसभा चुनाव के तत्काल बाद माननीय प्रधानमंत्री स्वास्थ्य मंत्री के समक्ष पुनः अपने लंबित मांगों को लेकर राष्ट्रीय स्तर का प्रतिनिधिमंडल मुलाकात कर अपनी मांगों को पूर्ण करने का पहल करेगी!
वर्तमान परिपेक्ष में प्रधानमंत्री जी से आग्रह किया गया है कि वह अपने घोषणा पत्र में जन स्वास्थ्य रक्षों की पुनः बहाली के संदर्भ में घोषणा पत्र जारी करें ताकि देश के समस्त जन स्वास्थ्य रक्षों की अहम भूमिका पूर्व में स्वास्थ्य सेवाओं के साथ वर्तमान में प्रचार प्रसार में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेl
कार्यक्रम का संचालन भरत लाल गुप्ता, मोहम्मद हकीक खान ,विनय गुप्ता ,रामभरोस यादव, बाल शाय, सुरेश गुप्ता ,विजय पै करा , कुंदसाय, समेत कई सदस्यों ने कार्यक्रम को सफल बनायाl





