

अनिल साहू
चौपाटी में स्थायी अतिक्रमण से भड़के ठेला व्यवसायी, कलेक्टर से लेकर नगर पालिका अध्यक्ष और सीएमओ तक पहुंची शिकायत: शहर की व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
सूरजपुर। शहर के हृदय स्थल अग्रसेन चौक कोतवाली थाना के समीप वार्ड क्रमांक 07 पुराने बस स्टैंड कॉम्प्लेक्स परिसर पुराने यात्री प्रतीक्षालय के पीछे संचालित अस्थाई चौपाटी में एक स्थायी गुमटी रखे जाने के बाद वर्षों से यहां अस्थायी ठेलों के माध्यम से व्यवसाय कर रहे व्यापारियों में नाराजगी बढ़ गई है। अपने रोजगार और भविष्य को लेकर चिंतित सभी ठेला व्यवसायी एकजुट होकर कलेक्टर, नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष तथा मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) व वार्ड पार्षद से व्यक्तिगत रूप से मिले और उन्हें लिखित शिकायत सौंपते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की।

व्यापारियों का कहना है कि वे वर्षों से शासन और नगर पालिका द्वारा तय व्यवस्था के अनुरूप अस्थायी ठेलों के माध्यम से व्यवसाय कर रहे हैं। प्रतिदिन कारोबार समाप्त होने के बाद सभी अपने-अपने ठेले घर ले जाते हैं, जिससे सार्वजनिक स्थल पर स्थायी कब्जा नहीं होता। इसी व्यवस्था के कारण चौपाटी अब तक व्यवस्थित रूप से संचालित होती रही है।
शिकायत पत्र में उल्लेख किया गया है कि हाल ही में एक व्यक्ति द्वारा लगभग 12×12 वर्गफीट की लोहे की स्थायी गुमटी चौपाटी परिसर में रख दी गई है। इससे न केवल चौपाटी की व्यवस्था प्रभावित हुई है, बल्कि अन्य लोगों को भी स्थायी कब्जा करने का रास्ता मिल गया है। व्यवसायियों का कहना है कि यदि अभी इस पर रोक नहीं लगी तो आने वाले समय में पूरी चौपाटी स्थायी अतिक्रमण की चपेट में आ जाएगी और वर्षों से मेहनत कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे छोटे व्यापारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा।

जिला चौपाटी संघ सूरजपुर के सभी ठेला व्यवसायियों ने सामूहिक रूप से जिला कलेक्टर श्रीमती रैना जमील, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती कुसुमलता राजवाड़े और मुख्य नगर पालिका अधिकारी मनीष गायकवाड़ व वॉर्ड पार्षद गैबिनाथ साहू से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने मांग की है कि चौपाटी में रखी गई स्थायी गुमटी को तत्काल हटाया जाए तथा भविष्य में किसी भी प्रकार के स्थायी अतिक्रमण पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए, ताकि सभी व्यवसायियों को एक समान अवसर मिल सके और चौपाटी की मूल व्यवस्था बनी रहे।
यह विवाद केवल चौपाटी तक सीमित नहीं है। शहर के कई प्रमुख चौक-चौराहों और बाजार क्षेत्रों में भी अस्थायी और स्थायी अतिक्रमण लगातार बढ़ रहा है। नगर पालिका की उदासीनता के कारण सड़कें संकरी होती जा रही हैं, यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है और शहर की सुंदरता भी धूमिल पड़ रही है। जब हालात बिगड़ते हैं, तब अतिरिक्त जिम्मेदारी यातायात पुलिस और स्थानीय थाना पुलिस के कंधों पर आ जाती है, जबकि अतिक्रमण रोकना नगर पालिका की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

छोटे व्यवसायियों का कहना है कि वे किसी विशेष सुविधा की मांग नहीं कर रहे, बल्कि सिर्फ वर्षों से चली आ रही समान व्यवस्था को बनाए रखने की अपील कर रहे हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जिला प्रशासन और नगर पालिका इस सामूहिक शिकायत को कितनी गंभीरता से लेते हैं और क्या चौपाटी को स्थायी अतिक्रमण से बचाने के लिए समय रहते ठोस कार्रवाई की जाती है।
इस दौरान ज्ञापन सौंपने वालों में प्रदीप अग्रवाल (चाट-फुल्की), गोविंद कुशवाहा (चाट-फुल्की), रवि कुशवाहा (चाट-फुल्की), विकास अग्रवाल(चाट-फुल्की), सुशील थापा (मोमोज), शिव प्रकाश (लिट्टी-चोखा), प्रदीप कुशवाहा (मोमोज), रतनलाल मेवाड़ (आइसक्रीम-शेक), राकेश कुशवाहा (पापड़ी चाट-भेल मुर्रा), झलर मिश्रा (चाइनीस फास्ट फूड), विनित मिश्रा (इडली-डोसा), मलखान सिंह (फुलकी-चाट), जगत थापा (मोमोज), दीपक अग्रवाल (पावभाजी), गौतम (मिक्स फास्ट-फूड), शंकर मद्रासी (साउथ इंडियन फूड), संजय जायसवाल (चना, मुर्रा, मूंगफली), कमलेश साहू (स्वीट कॉर्न- मिक्स स्प्राउट), गुलाब गुप्ता (पान कॉर्नर), राजा बाबू साहू(मंगोड़ी), श्रीमति सुनीता गुप्ता (बड़ा-मंगोड़ी) सहित काफी संख्या में जिला चौपाटी संघ सूरजपुर के सभी ठेला-गुमटी चौपाटी व्यवसाई गण उपस्थित रहे।
Author: anil sahu
जिला प्रतिनिधि सूरजपुर





