डॉ भवर सिंह पोर्ते का नाम हो सूरजपुर महाविद्यालय का नाम करण —बीपीएस पोया

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“डॉ. भंवर सिंह पोर्ते के नाम पर हो सूरजपुर महाविद्यालय का नामकरण: बीपीएस पोया”

सूरजपुर, 1 सितंबर 2026।

शासकीय रेवती रमण मिश्र स्नातकोत्तर महाविद्यालय, सूरजपुर का नाम बदलकर “शासकीय डॉ. भंवर सिंह पोर्ते स्नातकोत्तर महाविद्यालय, सूरजपुर” किए जाने की मांग उठी है। इस संबंध में सोशल एक्टिविस्ट एवं पर्यावरण प्रेमी बीपीएस पोया, जिला अध्यक्ष, सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग, सूरजपुर ने कलेक्ट्रेट कार्यालय में संबंधित अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से राज्यपाल, मुख्यमंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री से मामले में उपलब्ध तथ्यों एवं अभिलेखों के आधार पर नियमानुसार निर्णय लेने का आग्रह किया गया है।

ज्ञापन में मांग की गई है कि महाविद्यालय की स्थापना से संबंधित शासकीय अभिलेखों, ऐतिहासिक दस्तावेजों एवं अन्य प्रमाणिक रिकॉर्ड का परीक्षण कराया जाए। ज्ञापन में उपलब्ध स्थानीय जानकारी एवं संबंधित अभिलेखों का हवाला देते हुए कहा गया है कि सत्र 1984-85 में तत्कालीन उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. भंवर सिंह पोर्ते के कार्यकाल के दौरान सूरजपुर में शासकीय महाविद्यालय की स्थापना हुई थी।

बीपीएस पोया ने कहा कि सूरजपुर उस समय ग्रामीण एवं आदिवासी बहुल क्षेत्र था। ऐसे क्षेत्र में उच्च शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराना विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण शैक्षणिक पहल थी। महाविद्यालय की स्थापना के बाद आसपास के ग्रामीण एवं आदिवासी अंचलों के विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र में उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिला और क्षेत्र के शैक्षणिक विकास को नई दिशा मिली।

उन्होंने कहा कि यदि शासन द्वारा उपलब्ध दस्तावेजों एवं स्थापना संबंधी अभिलेखों के परीक्षण में डॉ. भंवर सिंह पोर्ते की महाविद्यालय की स्थापना में महत्वपूर्ण एवं प्रत्यक्ष भूमिका प्रमाणित होती है, तो उनके योगदान के सम्मान में महाविद्यालय का नाम उनके नाम पर किए जाने पर नियमानुसार विचार किया जाना चाहिए।

पोया ने कहा कि 1 सितंबर को डॉ. भंवर सिंह पोर्ते की जयंती के अवसर पर यह मांग शासन के समक्ष रखना उनके शैक्षणिक योगदान के प्रति सम्मान व्यक्त करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि किसी शिक्षण संस्था का नामकरण केवल सम्मान का विषय नहीं होता, बल्कि इससे क्षेत्र के शैक्षणिक इतिहास और महत्वपूर्ण योगदानों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का माध्यम भी बनता है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मांग महाविद्यालय के वर्तमान नाम से जुड़े किसी व्यक्ति, संस्था अथवा समुदाय के प्रति असम्मान की भावना से नहीं की जा रही है। इसका उद्देश्य ऐतिहासिक योगदान का दस्तावेजीकरण, सम्मान तथा क्षेत्र के शैक्षणिक इतिहास का संरक्षण है।

ज्ञापन के माध्यम से शासन से आग्रह किया गया है कि महाविद्यालय की स्थापना से संबंधित सभी उपलब्ध शासकीय एवं ऐतिहासिक अभिलेखों का प्रचलित नियमों एवं प्रक्रियाओं के अनुसार परीक्षण कराया जाए। साथ ही संबंधित पक्षों के विचारों को ध्यान में रखते हुए उपलब्ध तथ्यों के आधार पर उचित निर्णय लिया जाए।

बीपीएस पोया ने उम्मीद जताई कि शासन सूरजपुर के शैक्षणिक इतिहास एवं उपलब्ध दस्तावेजों का निष्पक्ष परीक्षण करते हुए इस मांग पर सकारात्मक एवं न्यायोचित निर्णय लेगा। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय का नाम डॉ. भंवर सिंह पोर्ते के नाम पर करने की मांग आदिवासी समुदाय सहित जिले के नागरिकों की भावनाओं तथा क्षेत्र के शैक्षणिक इतिहास से जुड़ी महत्वपूर्ण मांग है।

Aashiq khan
Author: Aashiq khan

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