

भरत लाल गुप्ता
उदयपुर। सावन माह के प्रथम सोमवार के पावन अवसर पर सरगुजा जिले के प्रसिद्ध एवं प्राचीन देवगढ़ तथा महेशपुर शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही दूर-दराज के गांवों और शहरों से हजारों श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए मंदिर पहुंचे। मंदिर परिसर “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयघोष से पूरे दिन भक्तिमय वातावरण में गूंजता रहा।
भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए श्रद्धालु लंबी-लंबी कतारों में अपनी बारी का धैर्यपूर्वक इंतजार करते रहे। महिलाओं, पुरुषों, युवाओं और बच्चों ने पारंपरिक वेशभूषा में बेलपत्र, दूध, गंगाजल, नारियल एवं पूजा सामग्री अर्पित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की तथा परिवार की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना की।
सावन के सुहावने मौसम और धार्मिक उल्लास ने मंदिर परिसर को विशेष आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। विशेष रूप से महिलाओं ने भगवान शिव की आराधना कर परिवार की मंगलकामना एवं सुख-शांति के लिए प्रार्थना की। पूरे दिन श्रद्धालुओं का मंदिर में आना-जाना लगातार जारी रहा।

प्राचीन शिवधामों की विशेष धार्मिक मान्यता
देवगढ़ और महेशपुर के प्राचीन शिव मंदिरों के संबंध में स्थानीय जनश्रुति है कि यहां सच्चे मन से भगवान शिव का जलाभिषेक और पूजा-अर्चना करने वाले श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। मान्यता है कि सावन माह, विशेषकर प्रत्येक सोमवार को भगवान शिव का अभिषेक करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं तथा वैवाहिक सुख, संतान, स्वास्थ्य, समृद्धि और सुख-शांति का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसी अटूट आस्था के कारण हर वर्ष सावन के सोमवार पर हजारों श्रद्धालु इन प्राचीन शिवधामों में दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
सावन के प्रथम सोमवार पर उमड़ी श्रद्धालुओं की यह विशाल भीड़ एक बार फिर देवगढ़ और महेशपुर शिवधाम की धार्मिक महत्ता एवं जनआस्था का सजीव प्रमाण बनी। मंदिर परिसर पूरे दिन भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक उत्साह के रंग में सराबोर रहा।






