
सूरजपुर ब्रेकिंग सुरजपुर जिले के प्रेमनगर स्थित नमना मे सप्ताह भर पूर्व हुआ था वन्य प्राणी की हत्या,
बताया जाता है की घटना दिवस
जंगल से नदी का पानी पीने हेतु आया वन्य प्राणी हिरण का झुंड इंसानी बस्ती में घुसा जिसको देख ग्रामीणों ने दौड़ा कर शावक का शिकार कर मांस खाने का मामला प्रकाश में आया है।
इस मामले को वन विभाग दबाने में लगी हुई है।
अधिकारी कर्मचारियों द्वारा जमीनी हकीकत जांच करना जाना उचित नही समझे है।
वन अमला के कर्मचारी भी शिकार होना कुबूल रहे है किन्तु खुद की कार्यवाही से बचने हेतु मौन धारण किये हुए हैँ
गौरतलब है कि वनमण्डला कार्यालाय सुरजपुर के अधीन वन परिक्षेत्र रामामानुजगर के अंतर्गत उमेश्वरपुर सर्किल के ग्राम नमना में 29 मई दिन सोमवार की शुबह प्रातः 6- 7 बजे के अंतराल में ग्राम चंदननगर के जंगल की ओर से नदी में पानी पीने वन्य पशु तीन हिरण आये थे।
जो नदी पार कर ग्राम नमना के इंसानी बस्ती मे पहुँचे गए थे।
जिसमें 2 बड़े हिरण थे और 1 शावक था।
जिसको देख गाँव वालों ने घेरा बंदी कर दौड़ाना शुरू किया,
गाँव के चारपारा, लालीपारा के बीच में घेरा बंदी की गई। इस बीच मे बड़े हिरण जंगल की ओर भाग निकले किन्तु शावक हिरण बरछा बाड़ी मोहल्ला में खेत के मेड़ पर गिर गया, गिरने व थकने से हिरण शवक को ग्रामीणो ने आसानी से डंडा टांगी द्वारा शावक हिरण का पैर तोड़ दिया जिससे हिरण मृत हो गया तथा शव से खून रिसने लगा था।
ग्रामीणो द्वारा हिरण के शव को बरछाबारी में रखे थे।
कुछ ग्रामीण हिरण का कटिंग कर रहे थे।
इस बीच कुछ ग्रामीण लालीपारा आकर हिरण को दौड़ाने वाले अन्य सहयोगियों को हिरण के मांस का कुछ हिस्सा बंटवारा देने की बात कही गई है
इस बीच शिकार की सूचना स्थानीय ग्रामीणों द्वारा वन परिक्षेत्र कार्यालय के आरओ (रेंजर) को दिया गया। सूचना पर उमेश्वरपुर सर्किल के वन विभाग के कर्मचारियों को जांच के लिए भेजा गया
जांच दौरान गाँव वालों ने बताया कि हिरण का शव बरछा बारी में रखा हुआ था इसके उपरांत वन विभाग द्वारा सन्दिग्ध ग्रामीण अमृत, राम प्रसाद को पूछताछ करने के लिए वन सर्किल उमेश्वरपुर ले गए।
जिन लोगों को पूछताछ बाद देर शाम तक छोड़ दिया गया।
जबकि नमना से प्रेमनगर की दूरी, थाना की दूरी 4-5 किलोमीटर है।.
उमेश्वरपुर कि दूरी 10 किलामीटर होने के बाद भी वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा उमेश्वरपुर ले गए जो समझ से परे है।
वहीं हिरण की हत्या व शिकार की सूचना रामामानुजगर रेंजर, एसडीओ, डीएफओ को होने के बाद भी जांच करने नही मौके पर नही पहुँचे सके
और ना ही जिले के पुलिस टीम को सूचित किया गया है। शायद सूचित किया गया होता तो हिरण का शव भी बरामद हुआ होता और वन्यप्राणी का शिकार करने वाले व्यक्ति पुलिस के पकड़ में होते।
किंतु अफसरों की घोर लापरवाही बरतते हुए ध्यान देना उचित नही समझा है।जिससे हिरण की निर्मम हत्या करने वाले बेखौफ हैँ l
स्थानीय ग्रामीणों ने उच्च कार्यालय में लिखित में शिकायत कर कार्यवाही की मांग की है।प्रेमनगर वन परिक्षेत्राधिकारी से दूरभाष से जानकारी पूछे जाने पर रेंजर श्री प्रजापति ने मामले को खंडन करते हुए कहा की यहां हिरण ही नहीं है तो हत्या का सवाल ही नहीं उठता है, कहा अगर हिरण की हत्या और मांस बटवारा किया गया है तो क्या कोई सबूत है, अगर सबूत हो तो आगे बात कीजिए इस तरह पत्रकारों के सवालो का जवाब दें रहे है वरिष्ठ अधिकारी लेकिन जांच कराना उचित नहीं समझ रहे उनको ऐसा लग रहा जैसे पत्रकारों द्वारा जबरन अफवाह फैलाया जा रहा है l






