प्रमाणीकरण मतदाताओं को भ्रमित करने वाले विज्ञापनों पर होगी रोक

SHARE:

[responsivevoice_button voice="Hindi Female"]

सूरजपुर ब्यूरो 

भारत निर्वाचन आयोग द्वारा लोकसभा निर्वाचन 2024 में इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया के साथ ही प्रिंट मीडिया में भ्रामक प्रकृति के विज्ञापनों के प्रकाशन को रोकने के संबंध में व्यापक दिशा निर्देश दिए गए है।

इसके तहत मतदान दिवस और उसके एक दिन पूर्व प्रिंट मीडिया में प्रकाशित होने वाले राजनीतिक विज्ञापनों का पूर्व प्रमाणीकरण आवश्यक है।

आयोग के निर्देशानुसार 6 और 7 मई को प्रिंट मीडिया में राजनीतिक विज्ञापनों के प्रकाशन के पूर्व जिला अथवा राज्य स्तरीय मीडिया प्रमाणन समिति से विज्ञापनों का पूर्व प्रमाणन अनिवार्य किया गया है।

इसके लिए भारत निर्वाचन आयोग ने राज्यस्तरीय तथा जिला स्तरीय मीडिया प्रमाणन हेतु प्राप्त आवेदन पर त्वरित निर्णय लेने के निर्देश दिए है।

साथ ही स्पष्ट किया है कि आवेदनकर्ताओं द्वारा ऐसे विज्ञापन के प्रस्तावित प्रकाशन दिनांक से कम से कम दो दिवस पूर्व मीडिया प्रमाणन समिति को आवेदन प्रस्तुत किए जाने चाहिए।

मतदान दिवस के पूर्व एवं मतदान तिथि को प्रिंट मीडिया में भ्रामक प्रकृति के विज्ञापनों के प्रकाशन के बाद वे दल अथवा प्रत्याशी जो इससे प्रभावित होते है

, उनके पास किसी भी प्रकार की सफाई अथवा खंडन का अवसर नहीं होता है।

ऐसे में स्वतंत्र, पारदर्शी और निष्पक्ष निर्वाचन के लिए मतदान दिवस के एक दिन पहले और मतदान तिथि को राजनीतिक विज्ञापनों के प्रकाशन के पूर्व विज्ञापनों का पूर्व प्रमाणन आवश्यक है।

Aashiq khan
Author: Aashiq khan