
सूरजपुर जिले के प्रेमनगर व रामानुजनगर ब्लॉक मुख्यालय सहित समस्त ग्राम पंचायतों मे बिजली की संकट और आँख मिचौली से तरस्त आम जनताओं की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है,हल्की बारिश हो या तूफ़ान या हल्की हवा चने के साथ ही बिजली इस तरह बंद कर दिया जाता है, जैसे इंसान के जिस्म से प्राण निकल जाता है,,
विदित हो की बिजली विभाग की लापरवाही कहे या उदासीनता के कारण दिन मे तीन से चार घंटे बिजली नहीं टिक पा रहा है,
एक तरफ गर्मी और लू की थपेड़ो से पूरा क्षेत्र परेशान हैं वहीं किसानों की फसलों की सिचाई के लिए भी बिजली का इंतजार करना मुश्किल हो चूका है,
बिजली विभाग से बात करने पर कुछ न कुछ टाल मटोल और कुछ बहाना बना दिया जाता हैं,
अधिकास इनका सिर्फ मेंटनेस का बहाना बना रहता है किन्तु बिजली की लचर व्यवस्था न तो कांग्रेस सरकार मे अच्छा था,,
न ही भाजपा की सरकार मे
लगातार लोगों को अनाप स्नाप बील थमाया जा रहा है लेकिन उपभोक्ताओ का मात्र शोषण के शिवाये और कुछ भी नहीं,
हल्की बारिश हो या बरसात के बाद पूरी तरह से बिजली विच्छेद कर इतिश्री कर दिया जाता है,
एक तरफ गर्मी एक तरफ किले मकोड़े और विभिन्न प्रकार के जीव जंतुओ का आगमन भी शुरू हो चूका है
किन्तु जिम्मेदार अधिकारी इस बिजली व्यवस्था को सुदृण्ड करने मे नाकाम साबित हो रहा है
जिससे आम और ख़ास सभी तबके के लोगों को दिक्क़ते पहुंच रही है, आठ मई से हुई हल्की वर्षा हवा के बाद तत्काल बिजली काट दिया गया था जो देर रात पुनः जोड़ा गया, वहीं आज नौ मई को शाम सात बजे हवा और वर्षा के आते ही ऐसा काट दिया की महिलाओं को खाना बनाने के लिए बिजली का घंटो इंतजार करना पडा लेकिन बिजली विभाग कहा गई ये समझ से परे है, ग्रामीणों ने जिला प्रसासन से बिजली सुधार करने मांग की है, अन्यथा ग्रामीणों द्वारा आगामी दिनों मे उग्र आंदोलन करने की चेतावनी भी दिया है l




