
सूरजपुर जिले के रामानुजनगर स्थित ग्राम पंचायत लब्जी मे पुलिया निर्माण मे व्यापक तरीके से भरस्टाचार करने का मामला प्रकाश मे आया है,
विदित हो की केंद्रीय योजना आदिवासी अनुच्छेद 275.पुलिया की स्वीकृति मार्च 2024मे लगभग दस लाख की प्रसासनिक स्वीकृति देते हुए निर्माण का दायित्व ग्राम पंचायत को दिया गया था, किन्तु निर्माण एजेंसी द्वारा बहुत ही सातिर तरीके से पुलिया निर्माण के कार्य को कराकर आधा से जादा राशि की बचत कर लिया है,
ज्ञात हो की नीव की खुदाई की गहराई लगभग डेढ़ मीटर होना था वहां पर आधा मीटर से कम खोद कर कार्य प्रारम्भ कर दिया,
ले आउट के समय ही सब इंजीनियर द्वारा समतल मैदान मे ही ले आउट कर पुलिया निर्माण पर सहमति दी, ले आउट के बाद से इंजीनियर लगातार गायब थी, जिसका परिणाम यह था की नीव की कम खोदाई, नीव एक साइड ही खोदकर बीम बाल की ढलाई कर दिया,, चारो बीम बाल की स्तिथि स्वयं थी मात्र बाहर साइड से सेटरिंग कर पुलिया मे मटेरियल डाला गया अंदर के साइड कच्चे मिट्टी के सहारे वाल खड़ा कर दिया गया, इस तरह स्टीमेन्ट के विपरीत पुलिया का निर्माण कराया गया है, वहीं विम बाल मे एक एक फिट मे लगने वाला राड भी नहीं डाला गया है, समुचा पुलिया मे नियमतः सोलह ओर बारह एम एम की राड डालना था किन्तु सरपंच के द्वारा मात्र बारह एम एम की राड से पुलिया निर्माण कर दिया, आपको यह भी बताना दिखाना आवश्यक है की तस्वीर झूठ नहीं बोलता किस तरह की गिट्टी बोल्डेरो को उपयोग प्रयोग किया गया है, यह पुलिया जांच का बिषय है,
उल्लेखनीय है की गुणवत्ता विहीन पुलिया निर्माण की शिकायत ग्रामीणों द्वारा निर्माण के समय ही किया था, किन्तु टेक्निकल अधिकारी ईबी लकड्डा ने कहाँ की सड़क मे हाइवा नहीं चलेगी कह कर ग्रामीणों को शांत कर दिया था, जिसकी वजह से घटिया समाग्री स्तरहिन् निर्माण व्यापक तरीके से प्रकलन के अनुरूप कार्य कराया गया, है,, यहां तक की पुलिया निर्माण मे बोल्डेरो ओर खराब मिट्टी मिक्स गिट्टी का धड़ल्ले से उपयोग किया गया है, किन्तु टेक्निकल अधिकारी ओर इंजीनियर को शिकायत के बाद कार्यवाही नहीं करना तथा तीन से पांच प्रतिशत कमीशन लेकर नीनानबये प्रतिशत मूल्यांकन कर लाभ पहुंचाने का काम किया है, शत प्रतिशत के मूल्यांकन मे मात्र तीन सौ पचास रूपये कम हुई,बाक़ी सम्पूर्ण रूप से मूल्यांकन कर दिया गया, इसका मुख्यकारण यह है की कभी इन निर्माण कार्यों की शिकायत पर जांच होती नहीं ओर अधिकारी लाभ पहुँचाकर लाभ लेते है, कभी इनके कारनामे की जांच नहीं होती, है, इसलिए रामानुजनगर के अधिकाश आउट क्षेत्रो मे मनमानी निर्माण कराया जाता है,
गांव के पटेल प्रवेश सहित ग्रामीणों ने जांच व कार्यवाही की मांग किया






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