
सूरजपुर जिले के रामानुजनगर क्षेत्र मे शिक्षा के मंदिर मे हेडमास्टर शराब के नशे मे मदहोशी कि हालत मे मिले इस वर्ष कि शिक्षा सत्र मे तीसरा कार्यवाही कि अनुशंसा हुई,
शिक्षा के मंदिर को कुछ शराबी प्रवृति के शिक्षको ने शराब का अड्डा बना रक्खा है तो कई शिक्षक हमेसा शराब सेवन करने के बाद ही स्कूल पहुंच पाते है,ऐसे मे शिक्षा का बच्चों पर क्या असर होगा यह समझ से परे, बाहरहाल शिक्षा विभाग के समीक्षा बैठक या संकुल बैठकों इन्हे क़ोई ठोस जानकारी या जवाबदेही नहीं देने के कारण इस तरह का मामला श्रीनगर के अधिकास ग्रामीणों स्कूलों मे देखने को मिल रहा है
गौरतलब हैं कि विगत जुलाई महीने मे भी ग्राम पंचायत सुरता, एवं ग्राम सराईपारा के दो प्रधान पाठक को भी शराब के नशे कि हालत पर अधिकारीयों ने पकड़ा था,
विदित हो कि शिक्षा अधिकारी द्वारा दो दिन के अंतराल मे बड़ी कार्यवाही किया था, जिससे ह्ड़कंप मच गया था,जिन्हे विकास खण्ड प्रतापपुर शिक्षा अधिकारी कार्यालय मे अटैच कर दिया था,
इतने बड़े कार्यवाही के बाद भी ग्रामीण अंचलो मे कुछ शिक्षक इसी तरह शराब पीकर शाला पहुंच कर बच्चों को पढ़ाना तो दूर बच्चों को अभद्र तरीके से गालिया देते है,
इतना ही नहीं अपने सहायक शिक्षको को भी नहीं बकस्ते है,
ज्ञात हो कि आज भी इसी तरह ग्राम पंचायत सालही रामानुजनगर के खोर खोरी पारा मे पदस्त प्रधान पाठक हरिनंदन सिंह भी शराब के नशे मे धुत्त होकर स्कूल पहुँचे औऱ हल्ला करने लगे,
हल्ला सुनकर आसपास के ग्रामीणों औऱ अभिभावक पहुँचे तो बताया कि प्रधान पाठक मदहोश होकर विद्यालय आये है औऱ बच्चों को भद्दी भद्दी गालिया दें रहे है,
वहीं ग्रामीणों ने मिडिया कर्मियों को जानकारी दी,
मिडिया कर्मी भी ज़ब पहुँचे तो प्रधान पाठक अपने होस हवास पर नहीं थे, उनके द्वारा उलूल जुलूल बाते भी करना शुरू कर दिया,
मिडिया कि टीम विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी पंडित भारद्ववाज को इस घटना कि जानकारी से अवगत कराया,
उन्होंने तत्काल एबीओ मनोज साहू के साथ एक टीम स्कूल भेजा था,
एबीओ ने देखा कि स्कूल मे भीड़ लगी है उन्होंने ग्रामीणों का पंच नामा तैयार कर अपनी जांच रिपोर्ट विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी को प्रेसित कर दिया है,




