“धरती कांपी, दीवारें फटीं!” खाडापारा में हैवी ब्लास्टिंग का कहर, दहशत में ग्रामीण

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अनिल साहू

आखिर कब रुकेगी हैवी ब्लास्टिंग? खाडापारा के मकानों में पड़ रहीं खतरनाक दरारें

 क्या खाडापारा में मौत का धमाका कर रही कोल खदान? हैवी ब्लास्टिंग से कांप रहे घर, दहशत में ग्रामीण!

सूरजपुर। भैयाथान ब्लॉक की भास्करपारा कोल खदान में हो रही बेकाबू हैवी ब्लास्टिंग अब खाडापारा के ग्रामीणों के लिए भय और तबाही का कारण बनती जा रही है। प्रकाश इंडस्ट्रीज लिमिटेड की खदान से रोज गूंजने वाले जोरदार धमाकों ने पूरे गांव की नींद और सुकून छीन लिया है। हालात इतने भयावह हो चुके हैं कि ग्रामीण अपने ही घरों में खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे।

धमाकों से उठने वाले तेज कंपन के कारण गांव के कई कच्चे मकानों की दीवारें फट चुकी हैं। घरों में लंबी-लंबी दरारें पड़ गई हैं और लोगों को हर पल यह डर सता रहा है कि कहीं अगला धमाका उनके आशियाने को जमींदोज न कर दे। ग्रामीणों का कहना है कि ब्लास्टिंग के दौरान पूरा गांव भूकंप की तरह थर्रा उठता है।

मनोज कुशवाहा के घर की दीवारें टूटीं, परिवार बोला— “हर धमाके में कांप उठता है पूरा घर”

सबसे ज्यादा असर खाडापारा निवासी मनोज कुशवाहा के घर पर पड़ा है। भारी ब्लास्टिंग के झटकों से उनके मकान की दीवारें चटक गईं। पीड़ित परिवार ने बताया कि धमाके इतने तेज होते हैं कि घर के बर्तन तक कांपने लगते हैं और छोटे बच्चे डर से सहम जाते हैं। गनीमत रही कि अब तक कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।

ग्रामीणों ने खदान प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नियमों को ताक पर रखकर मनमाने तरीके से ब्लास्टिंग की जा रही है। कई बार शिकायतों के बावजूद प्रशासन की चुप्पी ने लोगों का गुस्सा और बढ़ा दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और खदान प्रबंधन की होगी।

अब गांव में आक्रोश खुलकर सामने आने लगा है। प्रभावित लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ब्लास्टिंग पर नियंत्रण नहीं लगाया गया, नुकसान का सर्वे कर मुआवजा नहीं दिया गया और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई, तो वे सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन और चक्काजाम करेंगे।

anil sahu
Author: anil sahu

जिला प्रतिनिधि सूरजपुर