पंचायत सचिव निलंबित ग्रामीणों को शासन की योजना से रक्खा वँचित

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ग्रामीण ने सचिव पर लगाए शासन की योजनाओं का लाभ नहीं दिलाने का आरोप

– पंचायत सचिव साधु चरण साहू कार्य में लापरवाही बरतने, आर्थिक अनियमितता करने में हो चुके निलंबित 

सुरजपुर।

जनपद पंचायत प्रेमनगर के अंतर्गत पंचायत सचिव अपने मनमानी पर उतर आए है।

अपने सचिवालयों में कभी कभार बैठ रहे है। जिससे ग्रामीण अपने कार्यों को लेकर पंचायत 

भवन का चक्कर लगा रहे है

इसी कड़ी प्रेमनगर जनपद प्रेमनगर के अंतर्गत एक पंचायत सचिव पर जनपद के अफसरो के लाडले बन कर बैठे हुए हैं।

इनके विरुद्ध स्थानीय ग्रामीणों द्वारा शिकायत देने के बाद भी जनपद के अफसर आंख बंद किए हुए है।

ग्राम बकिरमा के एक ग्रामीण ने जिला पंचायत साइको के नाम से जनपद सीईओ को एक पत्र देकर पंचायत सचिव साधु चरण साहू के विरुद्ध कार्य में लापरवाही बरतने शासन से मिलने वाले राशि को गमन करने शासन की योजनाओं के लिए घुमाने का गंभीर आरोप लगाया है और कार्यवाई की मांग की है। 

गौरतलब है कि आवेदक राजकुमार आ. देवनाथ, ग्राम बकिरमा (बिंझवारी डांड) का निवासी है।

इसने गुरुवार को जनपद पंचायत प्रेमनगर में लिखित शिकायत देकर बताया कि मेरे पिता देव नाथ का आकस्मिक 17 सितंबर 2024 को मेरे घर पर हुआ था।

गरीबी होने के कारण मृत्यु के पश्चात समूह से ऋण लेकर पिता का दाह संस्कार किया हूं।

पिता के मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आवेदक 20 दिन तक पंचायत सचिव साधू चरण साहू के द्वारा घुमाया गया. जिसके बाद मृत्यु प्रमाण पत्र बनाया गया.

आवेदक राजकुमार ने सचिव श्री साहू से शासन से मिलने वाले श्रधान्जली योजना के तहत मृतक के परिवार को राशि 2000 (दो हजार) की राशी की मांग की गई। जिस पर सचिव घुमा रहा है।

जो आज दिनांक तक नहीं मिला है।

जबकि श्रद्धांजलि योजना के तहत मृतक परिवार को तत्काल में नगद के तौर आर्थिक सहायता प्रदान किया जाता है आवेदक राजकुमार ने परिवार सहायता योजना के तहत शासन द्वारा परिवार सहायता योजना के तहत राशि 20000 (बीस हजार) रूपये के लिए मृत्यु प्रमाण पत्र, मृतक का आधार कार्ड, आवेदक के माता का आधार कार्ड, लेकर सचिव साधू चरण साहू के पास कई दफा गये है।

आवेदक के पिता का गरीबी रेखा सर्वे सूचि में नाम भी है इसके बाद भी सचिव साधू चरण साहू के द्वारा गोल मोल जवाब देकर घुमाया जाता है,

पंचायत भवन में सप्ताह में कभी कभार आते है. अन्य समय नदारद रहते है.

पंचायत सचिव पर कार्यवाही और उसको मिलने वाले योजना का लाभ जनपद पंचायत को पत्र देकर की है। 

ग्राम महेशपुर में सचिव श्री साहू ने किया था लाखों घोटाला, हुए थे निलंबित 

ग्राम महेशपुर में सचिव साधु चरण साहू का काफी विरोध था। आम जन इनके कार्य से ना खुश थे।

ग्रामीणों द्वारा वर्ष 2019- 20, में अनियमितता का आरोप लगा था। जिसकी जांच अन्य विकास खंड के पंचायत इंस्पेक्टर की टीम बनाकर कराया गया था। 

सचिव जनपद सीईओ, लिपिक के है खास 

साधु चरण पर पूर्व में अनियमितता की शिकायत में करीब 8 लाख रुपए का आर्थिक अनियमितता पाया गया था। जिसके बाद विभागीय जांच हुआ, विभागीय जांच में क्लीन चिट दे दिया गया है।

जबकि जांच प्रतिवेदन में जिन कार्यों के नाम से राशि आहरण किया गया है।

उन मामले में कार्य हुआ ही नहीं है। इसके बाद भी दो ग्राम पंचायतों का जिम्मेदारी दिया गया है।

इनके विरुद्ध ग्राम पंचायत बकिरमा के ग्रामीणों ने शिकायत कर कार्यवाही की मांग की गई थी इसके बाद भी कार्यवाही नहीं है।

सूत्रों की माने तो इनके घोटाला का हिस्सा जनपद सीईओ के पैकेट में भी जाता था। जिस कारण इनपर कार्यवाही करने में हाथ पांव फूलने लगते है।

Aashiq khan
Author: Aashiq khan

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