

अनिल साहू
सूरजपुर । छत्तीसगढ़ शासन लोक शिक्षण संचालनालय के निर्देशन एवं कलेक्टर सूरजपुर श्री रोहित व्यास तथा जिला शिक्षा अधिकारी राम ललित पटेल के मार्गदर्शन में “ऑपरेशन सिपाही रक्षासूत्र” के तहत रक्षक अग्निवीर भारतीय सैनिकों को लिफाफा में राखी, गांव की एक चुटकी मिट्टी (सैनिकों के तिलक के लिए) और सैनिकों के लिए एक पत्र भेजने का आह्वान पूर्व सैनिक संगठन सिपाही पूर्व सैनिक महासभा छत्तीसगढ़ द्वारा किया गया है। जिसके तहत आज विकासखंड रामानुजनगर के माध्यमिक शाला पतरापाली के 62 बच्चों द्वारा लिफाफे में अपना नाम पता लिखकर राखी, एक चुटकी मिट्टी और एक पत्र सैनिकों को भेजा। बच्चों को जानकारी देते हुए शिक्षक ने बताया की रक्षाबंधन का त्यौहार आ रहा है। लिहाजा देश की सीमाओं पर कभी झुलसाती गर्मी तो कभी बर्फ बरसाती हुई कड़कड़ाती ठंड के बीच प्रतिकूल परिस्थितियों में 24 घंटे 365 दिन हमारी रक्षा के लिए ड्यूटी करने वाले सैनिक भी हमारे भाई की तरह हैं। छुट्टी नहीं मिल पाने के कारण बहुत से सैनिक भाई रक्षाबंधन पर अपने घर नहीं जाते हैं। रक्षाबंधन के दिन उनकी कलाइयां सूनी ना रह जाए। इसको ध्यान में रखते हुए उनको राखी भेज कर उनके कर्तव्य को नमन करने का अवसर मिला जिसे पूरा करके हम शिक्षक एवं बच्चों को काफी प्रसन्नता हो रही है। कार्यक्रम प्रभारी योगेश साहू, शिक्षक महेंद्र पटेल, अनिता सिंह, कृष्ण कुमार यादव, रघुनाथ जायसवाल एवं छात्र छात्रायें उपस्थित थे।
छात्रा का पत्र
प्रिय फौजी भैया
मै आपको सदर प्रणाम करती हूं।
आशा है आप एवं आपके साथी सैनिक सब सकुशल होंगे। हमें आपको यह पत्र लिखने में बहुत ख़ुशी हो रही है| हम आज आपकी बहादुरी को सलाम करने के लिए यह पत्र लिख रहे हैं। आप कितने महान हैं। अपने घर परिवार को छोड़कर आप हमारे लिए सरहदों पर आ जाते हैं।
१५ अगस्त करीब आ रहा है और मुझे आपकी बहुत याद आ रही है। आप वहाँ तैनात हो इसलिए मैं और सभी देशवासी यहाँ सुरक्षित हैं। ऐसे हालत में जहाँ साधारण व्यक्ति खड़ा भी नहीं हो सकता वहाँ आप अपनी जान की परवाह किए बिना दिन-रात डट कर खड़े रहते हैं और दुश्मनों का सामना करते हैं।
हम सोचते हैं कि कहाँ से आता है यह होंसला। कभी हिमनद में तो कभी रेगिस्तान में आप हमारी रक्षा के लिए कोई कसर नही छोड़ते। सैनिक अपने परिवार को छोड़ते हैं और पूरा देश उनका परिवार बन जाता है। देश के साथ-साथ सम्पूर्ण सैनिक दल आपका परिवार बन जाता है,इस नाते से आपके कितने भाई-बहन मरते हैं। फिर भी आप हिम्मत नही हारते हैं। अमर जवान ज्योति और इंडिया गेट दो ऐसी इमारतें हैं,जो आपको सम्मान देने के लिए बनी हैं। पर इतना आपकी बहादुरी के सामने कुछ नही है।
स्वाधीनता दिवस के इस अवसर पर मैं आपको हमारे पूरे परिवार एवं देशवासियों की तरफ से धन्यवाद करना चाहती हूँ । हम सबको आप पर गर्व है। आप हमारे देश की शान है। आपका बहुत बहुत धन्यवाद्। जय हिंद- जय भारत
आपकी शुभचिंतक,
रूपा यादव
कक्षा-सातवीं
Author: anil sahu
जिला प्रतिनिधि सूरजपुर





