
हटाये जा सकते हैं कालेजों के जन भागीदारी समिति के अध्यक्ष
शासकीय महाविद्यालयों में जनभागीदारी समिति के अध्यक्षों का नियमविरुद्ध तरीक़े से अपात्र लोगों को
पार्टी पदाधिकारियों का किया गया है नियुक्ति /
मनोनयन की हुई उच्च स्तरीय शिकायत !
सूरजपुर जिले मे संचालित शासकीय महाविद्यालयों में जन भागीदारी समिति का गठन उक्त महाविद्यालय के सुचारू संचालन हेतु समुचित प्रबंधन एवम् आवश्यक ज़रूरतों को पूरा करने के लिए शासन-प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करने सहित जन सहभागिता से छात्रों व महाविद्यालय का सर्वांगीण विकास किया जाना है !
इसी उद्देश्य से शासन के प्रावधान अनुसार शासकीय महाविद्यालयों में पंजीकृत एवम् गठित जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष पद पर नियुक्ति / मनोनयन हेतु जो नियम/प्रावधान है उसके अनुसार …
उक्त पद पर सांसद, विधायक , ज़िला/जनपद पंचायत का सदस्य , नगरीय निकाय का सदस्य,,पार्षद,में से कोई भी जिसे ज़िले के प्रभारी मंत्री द्वारा नामांकित किया जाये
परंतु विधान सभा क्षेत्र प्रेमनगर अन्तर्गत स्थित शासकीय महाविद्यालय सूरजपुर / रामानुजनगर /प्रेमनगर में शासन के प्रावधानों को अनदेखा कर अपात्र पार्टी पदाधिकारियों की नियुक्ति नियम विरूद्ध किया गया है ,
जिनका विवरण निम्नानुसार है –
रेवती रमण शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय सूरजपुर ~ यशवंत् सिंह
शासकीय महाविद्यालय रामानुजनगर-
जयप्रकाश उपाध्याय
शासकीय महाविद्यालय प्रेमनगर – महेंद्र कुमार यादव
उपरोक्तानुसार नियमविरूद्ध नियुक्ति / मनोनयन से छुब्ध होकर क्षेत्र के जागरूक एवम् प्रबुद्ध लोगों ने उपरोक्तानुसार नियमविरुद्ध तरीक़े से अपात्र लोगों के नियुक्ति को निरस्त कर पात्र लोगों की नियुक्ति करने अथवा शासन पक्ष के राजनीतिक पदाधिकारियों की उक्त पद पर मनमाने ढंग से नियुक्त कराये जाने हेतु निर्धारित नियमों को परिवर्तित करने की उच्चस्तरीय शिकायत किया है
तथा छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव से की गई है,
अब देखना दिल चस्प है कि , कायदा-क़ानून पर राजनैतिक रसूक कितना प्रभावी है l







