

अनिल साहू
सूरजपुर। शारदीय नवरात्र एवं विजयादशमी के अवसर पर जिले का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय और उत्सवमय हो उठा। मां दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए रेणुका नदी तट पर हजारों श्रद्धालु उमड़े। ढोल-नगाड़ों की गूंज, डीजे की थाप और जय माता दी के जयकारों से पूरा माहौल गुंजायमान रहा। श्रद्धालुओं ने आस्था और उल्लास के साथ माता रानी को विदाई दी।
भव्य शोभायात्राएं बनी आकर्षण का केंद्र
शहर सहित ग्रामीण अंचलों की दुर्गा उत्सव समितियों ने सजावट से सुसज्जित रथों पर प्रतिमाओं को शोभायात्रा के रूप में नदी तट तक पहुंचाया। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर माता रानी की झांकियों का स्वागत किया। शोभायात्रा में पारंपरिक वाद्य यंत्रों, झांकियों और भक्तिमय नृत्य ने लोगों का मन मोह लिया।
प्रशासन रहा सतर्क, सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद
प्रतिमा विसर्जन को लेकर प्रशासन और पुलिस विभाग की ओर से विशेष इंतजाम किए गए। नदी तट पर बैरिकेडिंग, गोताखोरों की तैनाती और बचाव दल की सतत निगरानी में विसर्जन सम्पन्न हुआ। जगह-जगह पुलिस बल की मौजूदगी और अधिकारियों की सक्रियता से पूरा आयोजन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।
श्रद्धालुओं ने मां से मांगी सुख-समृद्धि की कामना
विसर्जन कार्यक्रम के दौरान भक्तों की आंखें नम हो उठीं। सभी ने मां दुर्गा से जिले में सुख-शांति और समृद्धि की प्राथर्ना की। रेणुका तट पर उमड़े भक्तिभाव के सागर ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि आस्था और परंपरा से ही समाज की एकता और शक्ति बनी रहती है।
नवरात्र और दशहरा महोत्सव का हुआ सफल समापन
मां दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ ही जिलेभर में शारदीय नवरात्र और विजयादशमी महोत्सव का समापन हो गया। श्रद्धालुओं ने अगले वर्ष पुनः माता रानी के आगमन की मंगलकामना के साथ भावभीनी विदाई दी।
Author: anil sahu
जिला प्रतिनिधि सूरजपुर




